आरटीओ आफिस शिमला की ओर से प्राइवेट बसों को जारी किए रूट परमिटों में घालमेल के आरोपों के बाद परिवहन विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। परिवहन मंत्री जीएस बाली को दी गई लिखित शिकायत के बाद परिवहन विभाग ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
आरटीओ आफिस पर सरकार की परिवहन नीति को दरकिनार कर प्रभावशाली लोगों को मनमर्जी से रूट परमिट देने के आरोप लगे हैं। परिवहन मंत्री को दी गई लिखित शिकायत में कहा गया है कि शिमला आरटीओ आफिस ने एचआरटीसी बसों के आगे प्राइवेट बसों को टाइम टेबल जारी कर दिए हैं, जिससे एचआरटीसी को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
परिवहन मंत्री के आदेश हैं कि प्राइवेट बसों को रूट परमिट और टाइम टेबल जारी करने से पहले अनिवार्य रूप से एचआरटीसी से एनओसी लिया जाए। बावजूद इसके एचआरटीसी से एनओसी लेने की जहमत नहीं उठाई जा रही। परिवहन मंत्री के अलावा निदेशक परिवहन विभाग और प्रबंध निदेशक एचआरटीसी को भी शिकायत की है। अब इस मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। लेकिन शिकायत आने के बाद रूट परमिटों का यह मामला गरमा उठा है।
पूरे मामले की होगी जांच : निदेशक
रूट परमिट को लेकर गड़बड़ी की शिकायत परिवहन मंत्री को की है। शिकायत की कापी मुझे भी मिली है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं।- प्रियतु मंडल निदेशक, परिवहन विभाग
आरएम के पास दर्ज कराएं आपत्तियां
सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को रूट परमिट और टाइम टेबल से संबंधित आपत्तियां परिवहन विभाग में दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं। निगम मुख्यालय की ओर से भी परिवहन विभाग के समक्ष यह मामला उठाया जाएगा।- रामकुमार गौतम कार्यकारी निदेशक, एचआरटीसी
आरटीओ के समर्थन में उतरी ऑपरेटर यूनियन
शिमला प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन आरटीओ आफिस के समर्थन में उतर आई है। यूनियन के महासचिव अमित चड्ढा ने कहा कि आरटीओ आफिस ने न्यायालय की ओर से जारी आदेशों के दायरे में ही बसों को रूट परमिट जारी किए हैं। एचआरटीसी की कर्मचारी यूनियनें अपने स्वार्थ के लिए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही हैं।
अमित चड्ढा का कहना है कि न्यायालय ने राजधानी में छोटी बसें चलाने के आदेश दिए हैं जबकि एचआरटीसी आदेशों का उल्लंघन कर बड़ी बसें चला रहा है। प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन ने एचआरटीसी प्रबंधन पर बसों के टाइम टेबल की अनदेखी का भी आरोप लगाया है।