हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने निर्दलीय विधायकों पर बनी एक सीडी पर जांच बैठा दी है। चारों निर्दलीय विधायकों की सदस्यता पर फैसला अब इसी सीडी की जांच के बाद ही होगा।
प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल को बचाव में निर्दलीय विधायकों ने अपने जवाब दिए तो इसके प्रत्युत्तर (रिजोंइडर) के साथ भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने ये सीडी पेश की है।
भारद्वाज ने स्पीकर बुटेल के समक्ष भारतीय संविधान के शेड्यूल -10 में एंटी डिफेक्शन कानून का हवाला देते हुए दो सितंबर 2014 को याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने निर्दलीय विधायकों किरनेश जंग, पवन काजल, बलवीर सिंह वर्मा और मनोहर धीमान की विधानसभा सदस्यता खारिज करने को कहा।
विधायकों पर लगे हैं ये आरोप
विधायक सुरेश भारद्वाज
- फोटो : अमर उजाला
इस याचिका में प्रतिवादी विधायकों पर आरोप लगाए गए कि जनता ने सभी राजनीतिक दलों को नकारते हुए उन्हें निर्दलीय चुना, मगर वे कांग्रेस से मिल गए। विधानसभा के अंदर और बाहर इन निर्दलीय विधायकों का व्यवहार कांग्रेस का है और ये खुद को कांग्रेस विधायक ही मान रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में भी इन्होंने कांग्रेस का प्रचार किया। प्रार्थी ने याचिका में सबूत के तौर पर एक प्रेस नोट की कॉपी पेश कर कहा कि यह कांग्रेस के एसोसिएट सदस्य हैं। उन्होंने संविधान की अवहेलना की है और विधानसभा सदस्य रहने के योग्य नहीं हैं।
इस याचिका पर निर्दलीय विधायकों का रिप्लाई दायर होने के बाद याचिकाकर्ता ने सबूत के तौर पर यह सीडी विधानसभा अध्यक्ष को दी, जिस पर जांच शुरू हो गई है।
क्या है सीडी में
इस सीडी में निर्दलीय विधायकों को कांग्रेस के कार्यक्रमों में शामिल दिखाया गया है। इसमें अलग-अलग कट्स बताए जा रहे हैं।
‘भाजपा के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने सीडी दी है। इस पर अब जांच शुरू है। पूरी छानबीन के बाद ही याचिका पर फैसला होगा।’- बृज बिहारी लाल बुटेल, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश विधानसभा