शैल बाला की हत्या गेस्ट हाउस की मालकिन के बेटे विजय ठाकुर ने सोची समझी योजना के तहत की, क्योंकि जब विजय ठाकुर अधिकारी के पास पहुंचा, उसने रिवाल्वर अपने कपड़ों के बीच में दबा रखा था।
होटल मालिक जो बयान दे रहे हैं कि झड़प के चलते गलती से गोली चली है, ये सब गलत बयान हैं। हकीकत यह है कि जब महिला अधिकारी शैल बाला कोर्ट के आर्डर को दिखाकर होटल मालिकों को कार्रवाई में अड़चन पैदा न करने को लेकर समझा रहीं थी।
होटल मालिक के बेटे विजय ठाकुर ने आकर पहले महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी की। इसके बाद विजय ठाकुर ने अपना रिवाल्वर निकालकर महिला अधिकारी पर दो से तीन राउंड फायर कर दिए।
इस कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गुलाब सिंह ने कहा कि जब उन्होंने विजय ठाकुर को रोकने की कोशिश की तो उसने उन पर भी गोली दाग दी, जो बाईं ओर छाती और फेफड़े के बीच में लगी।
अमर उजाला के संवाददाता ने जब घायल गुलाब सिंह से संपर्क किया तो पता चला कि उनकी हालत बहुत खराब थी। इसके बावजूद उन्होंने संवाददाता से बातचीत की।
गोली लगने के कारण गुलाब सिंह के शरीर से बहुत खून बह चुका था। बुधवार शाम 5 बजे तक गुलाब सिंह को 6 यूनिट तक खून चढ़ाया जा चुका था। डॉक्टरों का कहना है कि अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता, अभी भी गुलाब सिंह की हालत नाजुक बनी हुई है।
पीजीआई में उपचाराधीन घायल गुलाब सिंह के भतीजे बलवंत ठाकुर ने कहा कि उनके चाचा की दो बेटी हैं, जोकि इस समय धर्मपुर और सोलन में कॉलेज में पढ़ रही हैं।
गुलाब सिंह के भतीजे बलवंत ठाकुर ने कहा कि गांव में माहौल खराब है, होटल मालिक बार-बार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बलवंत ठाकुर ने हिमाचल सरकार से मांग की है कि उनकी चाची और उनकी दोनों बेटियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।