सिर्फ मोहरे बदल रहे थे, लेकिन अवैध खनन का खेल इन्हीं कानूनी पट्टों के नाम पर हो रहा था। अब इस रैकेट को तोड़ने के लिए विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि एक बार पकड़े जाने वाले व्यक्ति के परिवार को भी पट्टा ही नहीं मिल सकेगा।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि रायल्टी पर कुंडली मारकर बैठे और जुर्माना भरने वाले क्रशर मालिकों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। डिफाल्टर क्रशर मालिकों से पैसा वसूलने के लिए किस्तों पर रायल्टी की रकम वसूलने की व्यवस्था की जाएगी।
इसके लिए माइनिंग एक्ट में संशोधन के लिए विचार किया जा रहा है। बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 120 के ऐसे क्रेशर मालिक हैं, जिन्हें डिफाल्टर घोषित किया गया है। ये लोग सरकार को मिलने वाली करोड़ों की रॉयल्टी के अलावा जुर्माना राशि पर कुंडली मारकर बैठे हैं।