मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार उस समय केंद्र में अपनी सरकार होने के बावजूद वित्तीय सहायता अथवा विशेष पैकेज लेने में असमर्थ रही। यूपीए सरकार ने 2009 में हिमाचल के लिए स्वीकृत विशेष औद्योगिक पैकेज को भी वापस ले लिया।
पहली बार सरकार ने राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने को पग उठाए हैं। विपक्ष इनकी सराहना करने की बजाय विरोध कर रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर मीट से पहले सरकार प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों के साथ 253 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने में सफल हुई है।
राज्य में लगभग 29 हजार करोड़ का निवेश होगा। राज्य में भाजपा सरकार ने विभिन्न सड़क परियोजनाओं पर कार्य आरंभ किए और अधिकतर डीपीआर बना ली हैं। जिन अधिकारियों के खिलाफ वह बयानबाजी कर रहे हैं, वे नए नहीं हैं। कांग्रेस सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
कांग्रेस नेताओं के प्रदेश सचिवालय में अन्य राज्यों के कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति के प्रश्न पर बिक्रम सिंह ने प्रतिक्रिया दी। कहा कि यह वर्ष 2015 में पूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से लिए गए निर्णय का ही परिणाम है।
कांग्रेस सरकार ने श्रेणी तीन और चार के नियुक्ति और पदोन्नति नियमों में संशोधन कर प्रावधान किया है कि अभ्यर्थी जो भारत का नागरिक है, इन श्रेणियों के पदों के लिए आवेदन कर सकता है।