जनजातीय जिला किन्नौर की ओर जाने वाले एनएच पांच (हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग) लगातार धंस रहा है। यातायात पूरी तरह ठप है। बीते बुधवार को 230 मीटर एनएच धंस गया था जबकि वीरवार को भी 40 मीटर एनएच धंस गया है। 26 सेक्टर के क्रांपे गांव में भूस्खलन से करीब 13 बागवानों के बगीचे तबाह हो गए हैं।
सेब, अखरोट, चुली, बेमी, पलम के डेढ़ हजार पौधे पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। आधा दर्जन से अधिक घराें को खतरा है। इनके साथ पशु औषधालय, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, आईपीएच विभाग और लोक निर्माण विभाग का स्टोर और बागवानी विभाग का केंद्र कभी भी भूस्खलन की चपेट में आ सकते हैं।
आठ किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर
उधर, बंद सड़क से आठ किलोमीटर तक तरांडा संपर्क मार्ग से पैदल सफर कर लोग एनएच पर उतर रहे हैं। यहां से जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं। हालांकि एनएच प्राधिकरण ने किन्नौर की ओर 75 मीटर नए मार्ग का निर्माण कर लिया है।
रामपुर निगुलसरी की ओर से 10 मीटर नया रास्ता खोला है। सुंगरा पंचायत प्रधान बलवंत सिंह नेगी, पौंडा पंचायत प्रधान मिडल नेगी, रघुदास नेगी, जिला परिषद सदस्य संजीव नेगी, राजेश नेगी, प्रवेश नेगी, दिनेश नेगी, अनु नेगी ने समय रहते एनएच को दुरुस्त करने की मांग की है।
उपायुक्त किन्नौर एनके लट्ठ ने कहा कि प्रशासन एनएच बहाल करने को लेकर गंभीर है। दोनों ओर से मशीनें लगाकर सड़क बहाली का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही एनएच को बहाल कर दिया जाएगा।
एनएच प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता ने बताया कि यातायात बहाल करने के लिए हर कोशिश की जा रही है। यदि ऊपरी पहाड़ी से चट्टानों का खिसकना बंद हो जाता है तो बहुत जल्द मार्ग बहाल कर लोगों की परेशानी दूर की जा सकेगी। क्षतिग्रस्त मार्ग के दोनों ओर से 75 मीटर नए मार्ग का निर्माण किया जा चुका है।