भारतीय रेलवे रोजाना 10 लाख यात्रियों को चूना लगा रहा है। खाने-पीने की चीजों पर राउंडिंग ऑफ का फार्मूला लगा रेलवे 5 रुपये तक अतिरिक्त वसूली कर रहा है। खाद्य पदार्थों के दाम पांच के गुणक यानी पांच, दस और पंद्रह रुपये के हिसाब से लिए जा रहे हैं।
टिकट बुकिंग के बाद अब भारतीय रेलवे ने सफर के दौरान खाने-पीने पर जीएसटी लगाकर राउंडिंग ऑफ का यह खेल शुरू कर दिया है। यह ऐसा फार्मूला है जिसमें यदि आपका बिल पांच रुपये से 10 पैसे भी अधिक बनता है तो सीधे दस रुपये चार्ज किए जाएंगे। पहली जुलाई 2017 से भारतीय रेलवे ने यह व्यवस्था लागू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार भारतीय रेलवे में रोजाना करीब दस लाख यात्री कैटरिंग सर्विस का प्रयोग करते हैं। उधर, राउंडिंग ऑफ के लिए बाकायदा अधिसूचना जारी की गई है। आरटीआई में इसका खुलासा हुआ है। आरटीआई के जवाब में रेलवे ने राउंडिंग ऑफ से मूल्य से अधिक वसूली को स्वीकारा है।
क्या है अधिसूचना में
अधिसूचना के अनुसार एक जुलाई के बाद से रेलवे ने वास्तविक कीमतों पर टैक्स और राउंडिंग ऑफ के नाम पर 19.6 से 53.8 फीसदी वृद्धि की है। यदि आप दुरंतो में सफर के दौरान ब्रेकफास्ट करते हैं तो 34 रुपये के ब्रेकफास्ट के लिए आपको 32.3 फीसदी अधिक 45 रुपये चुकाने होंगे।
जबकि 18 फीसदी जीएसटी के साथ यह कीमत महज 40.12 रुपये बनती है। यह महज दुरंतो स्लीपर क्लास ही बात नहीं है। यह लूट शताब्दी और राजधानी में फर्स्ट एसी और सेकंड एसी के साथ ही इकनॉमी क्लास में इसी तरह से लागू है।
राउंडिंग को नकार चुके हैं पीएम मोदी
आरटीआई एक्टिविस्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता सुजीत स्वामी गत एक वर्ष से रेलवे की विभिन्न खामियों को दूर करने में प्रयासरत हैं। उनके इन प्रयासों की पीएम भी सराहना कर चुके हैं।
उनके भारतीय रेल व्यवस्था में सुधार के प्रयासों को देखते हुए पीएमओ कार्यालय से प्रशस्ति पत्र से नवाजा गया है।
उन्होंने यह तर्क दिया है कि नोटबंदी के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से राउंडिंग ऑफ और दुकानदारों से टॉफी लेने का विरोध करने का आह्वान किया था। इसके विपरीत रेलवे टिकट और कैटरिंग में राउंडिंग ऑफ से यात्रियों को लूट रहा है।