उन्होंने बताया कि राज्य में एलपीजी की भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए 600-600 मेगावाट के दो माउंडिड स्टोरेज स्थापित कर ऊना बाटलिंग प्लांट की स्टोरेज क्षमता 900 मीट्रिक टन से बढ़कर 2100 मीट्रिक टन तक करने का प्रस्ताव है।
परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रुपये है। कार्यकारी निदेशक ने बताया कि इसे 2020 तक चालू करने के प्रयास हैं। हिमाचल में 151 एलपीजी पंचायतें स्थापित की गई हैं। एक दिन में ही 5600 एलपीजी कनेक्शन दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 93 गांव चुने गए गए हैं, जो पूर्णत: एलपीजी युक्त हो गए हैं।