न्यूजीलैंड में हिमाचल की बेटी बिंदु का हिमालय गार्डन चर्चा में है। करीब एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में बनाए गए हिमालय गार्डन में घास के गलीचों को मशीनें नहीं बल्कि भेड़ें मेंटेन करती हैं। यहां के कई स्पॉट हिमाचली के नाम से हैं। ऐसे में गार्डन की सैर करने वालों को हिमाचल में होने जैसा अहसास होता है।
भारतीय दंपति सत्यकाम शर्मा और डॉ. बिंदु शर्मा के न्यूजीलैंड में तैयार किए गए हिमालय गार्डन को पिछले साल और इस साल दस दिनों के लिए आम लोगों के लिए खोला गया था। इस दौरान करीब 1500 लोगों ने गार्डन में सैरसपाटा किया।
इतना ही नहीं, इन दिनों न्यूजीलैंड के मीडिया में भी हिमालय गार्डन की चर्चा हो रही है। डा. बिंदु ने बताया कि उनकी माता निर्मला शर्मा को बागवानी का शौक था। उन्हीं से उन्हें इस काम को करने की प्रेरणा मिली। गार्डन में घास की कटाई की बजाए घास चरने के लिए सात भेड़ें पाली हैं।
2006 में खरीदी जमीन, छह साल में गार्डन किया तैयार
न्यूजीलैंड में प्रोजेक्ट एंड टर्न राउंड्स लिमिटेड कंपनी चला रहे सत्यकाम शर्मा और डॉ. बिंदु शर्मा ने 2006 में घर बनाने के लिए 30 कनाल भूमि खरीदी थी। इसमें घर बनाने के अलावा खाली भूमि पर गार्डन बनाने का काम शुरू हुआ।
खाली जमीन पर घास उगाने के अलावा विभिन्न किस्मों के पौधे लगाकर कुदरती माहौल तैयार किया गया। वर्ष 2012 में गार्डन पूरी तरह से तैयार हो गया।
इसके बाद गार्डन में एसेंस ऑफ हरेटा, सेरेलिटी ऑफ बिलासपुर, स्पिरिट ऑफ हिमाचल और ट्रेंक्वेलिटी ऑफ हिमालया नाम के स्पॉट विकसित किए गए गए हैं।
बैजनाथ कॉलेज में 14 साल बॉटनी पढ़ा चुकी हैं बिंदु
डॉ बिंदु ने एचपीयू से बॉटनी में पीएचडी की है। उन्होंने बैजनाथ कॉलेज में 14 साल तक बॉटनी पढ़ाई है। जबकि वर्तमान में न्यूजीलैंड में स्पॉटबुड कॉलेज में बॉटनी पढ़ा रही हैं। बिंदु के पति जिला हमीरपुर के हड़ेटा निवासी सत्यकाम ने गलोड़ स्कूल से मैट्रिक की।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद इंजीनयर इंडिया लिमिटेड से कॅरिअर शुरू किया। वे 1997 में न्यूजीलैंड चले गए। वहां एक कंपनी में काम करने के बाद उन्होंने प्रोडक्ट्स एंड टर्न अराउंड लिमिटेड नाम की अपनी कंपनी खोली।
सत्यकाम और डॉ बिंदु का एक बेटा है, जो जानसन एंड जानसन अमेरिका में रिसर्च इंजीनियर है।