बीच-बीच में बारिश थमी और एचपीसीए के कर्मचारी मैदान को सुखाने के प्रयास करते रहे, लेकिन जैसे ही कर्मचारी मैदान से कवर हटाते, बारिश फिर शुरू हो जाती। जब बारिश का दौर शुरू होता तो क्रिकेट प्रेमी छाते या स्टैंड के नीचे पहुंच जाते। जैसे ही बारिश थमती तो फिर वापस पहुंच जाते।
एचपीसीए ने स्टेडियम में किया कन्या पूजन
पिछली गलतियों को सुधारते हुए इस मर्तबा एचपीसीए प्रबंधन ने धर्मशाला में बारिश के देवता इंद्रुनाग के मंदिर में पूजा-अर्चना कर माफी मांगी थी। बारिश रोकने के लिए एचपीसीए स्टेडियम में सुबह कन्या पूजन भी किया गया।