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Ind vs Pak मैच: पाक जांच दल को नहीं मिली सुरक्षा की गारंटी

Tue, 08 Mar 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला

सार

  • धर्मशाला में एयरपोर्ट से होटल तक रास्ते में खिलाड़ियों की सुरक्षा पर पेच
  • होटल से स्टेडियम तक जांची सुरक्षा, अधिकारियों से की लंबी बैठक
  • पाक दल ने डीसी दफ्तर से वीडियो कांफ्रेंसिंग से शिमला में की बात
  • 19 मार्च को होने वाले भारत-पाक टी 20 वर्ल्डकप मैच पर संशय बरकरार
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एचपीसीए स्टेडियम पहुंचे पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धर्मशाला में 19 मार्च को होने वाले भारत-पाक टी-20 मैच की सुरक्षा जांचने आई पाकिस्तानी टीम को हिमाचल सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह पाकिस्तानी टीम की सुरक्षा की गारंटी नहीं सकते। सोमवार को धर्मशाला पहुंची पाकिस्तान की दो सदस्यीय टीम ने स्टेडियम, होटल पवेलियन का जायजा लिया। टीम ने धर्मशाला के एसपी और एडीएम से भी मुलाकात की। 
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देर रात उनकी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शिमला में सरकार के उच्चाधिकारियों से भी बात हुई। सब ने यही संकेत दिए कि गगल एयरपोर्ट से लेकर होटल पवेलियन और स्टेडियम के रास्ते में होने वाले किसी भी विरोध पर वह बल प्रयोग नहीं कर सकते। सूत्र बताते हैं कि यह पाक टीम मंगलवार को दिल्ली में उच्चाधिकारियों से मिलेगी। 

उधर, अनुराग ठाकुर ने कहा कि हम सभी टीमों को फुलफ्रूफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। धर्मशाला में होटल पवेलियन और क्रिकेट स्टेडियम की भीतरी सुरक्षा पर पाकिस्तानी टीम संतुष्ट दिखी। लेकिन पाक खिलाड़ियों का गगल एयरपोर्ट से होटल पवेलियन और होटल से स्टेडियम तक की सुरक्षा व्यवस्था पर पेच फंसा है। पाक टीम को आशंका है कि एयरपोर्ट से पवेलियन होटल तक के करीब 15 किलोमीटर के सड़क मार्ग में कहीं भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
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होटल से स्टेडियम तक पूरे रूट का बारीकी से किया मुआयना

पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारी पाक टीम को रास्ते में रोक सकते हैं। पत्थरबाजी का भी डर है। इन्हीं आशंकाओं के चलते पाक दल ने पुलिस और प्रशासन से मीटिंग करने के बाद रात नौ बजे उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शिमला में उच्चाधिकारियों से बात की। सूत्रों के अनुसार पाक दल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी बात की है। पाक दल रास्ते में खिलाड़ियों की सुरक्षा की गारंटी चाहता है। 

अब मामला प्रदेश सरकार के हाथ में है कि वह सुरक्षा की गारंटी देती है या नहीं। मंगलवार को इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आठ मार्च को गृह मंत्रालय ने प्रदेश के अधिकारियों की भी इस मुद्दे पर दिल्ली में बैठक बुलाई है। इससे पूर्व वाघा बार्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए पाक दल के दो सदस्य फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी लाहौर के निदेशक डॉ. उस्मान अनवर और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रिटायर्ड कर्नल आजम खान सीधे धर्मशाला पहुंचे। 

वहीं, दिल्ली से पाक उच्चायोग के डिप्टी हाई कमिश्नर उबैद उर रहमान निजामनी भी आए। बारिश और ओलों के बीच धर्मशाला पहुंचा पाक दल सबसे पहले होटल पवेलियन गया जहां उन्होंने खिलाड़ियों के रहने, उनकी सुरक्षा और तमाम बंदोबस्त का जायजा लिया। इसके बाद होटल से लेकर धर्मशाला स्टेडियम तक पूरे रूट का बारीकी से मुआयना किया।
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नहीं हुआ दल का विरोध

एचपीसीए स्टेडियम। - फोटो : फाइल फोटो
टीम शाम 6.30 बजे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था जांची। स्टेडियम प्रतिबंधित क्षेत्र में तबदील हो गया। उन्होंने स्टेडियम की तीहरी सुरक्षा प्रणाली भी देखी। साथ ही दर्शकों के एंट्री प्वाइंट्स की भी सुरक्षा परखी। 

टीम ने स्टेडियम में सुरक्षा जांचने के बाद एसपी कांगड़ा संजीव गांधी के अलावा एचपीसीए के पदाधिकारियों के साथ सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग की। रात 8.30 बजे के बाद जैसे ही मीटिंग खत्म हुई पाक दल मीडिया से बात किए बिना उपायुक्त कार्यालय चला गया। यहां मुख्यमंत्री से वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात की। बताया जा रहा है कि पाक दल रात को धर्मशाला में ही रुकेगा। 

बता दें कि पूर्व सैनिकों के विरोध के चलते पाकिस्तान दल के धर्मशाला आने से करीब एक घंटा पहले स्टेडियम तक के रास्ते को आम गाड़ियों के लिए बैन कर दिया गया। स्टेडियम और होटल पवेलियन में खिलाड़ियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। 

हमें उम्मीद है कि मैच को लेकर सुरक्षा का मामला आड़े नहीं आएगा। स्टेडियम में तिहरा सुरक्षा पहरा है। दो हजार से ज्यादा जवान सुरक्षा के लिए तैनात हैं। मैच को लेकर मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है। -मोहित सूद, प्रेस सचिव एचपीसीए 

सोमवार को पाक दल के दौरे के दौरान कहीं भी विरोध नहीं हुआ। इससे जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। विरोध न होने का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि भारत सरकार से लेकर हिमाचल सरकार के अधिकारियों तक ने पाकिस्तानी दल के इस दौरे को गोपनीय रखा। 
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