शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान वीरवार को देशभक्ति के गीतों से गूंज उठा। हर कोई आजादी के रंग में रंगा नजर आया। 73वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान स्कूली बच्चों और पहाड़ी कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर समा बांध दिया।
समारोह में सबसे पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद पुलिस, गृहरक्षा, आईटीबीपी के जवानों, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड के कैडेट्स की ओर से पेश किए गए मार्चपास्ट की सलामी ली। परेड का नेतृत्व उप अधीक्षक पुलिस पंकज शर्मा ने किया। रिज मैदान पर पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के बीच सुबह से ही लोगों की काफी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। परेड के बाद पहाड़ी कलाकारों ने अपने जिलों की वेशभूषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इनमें किन्नौरी, सिरमौरी और स्कूली छात्राओं के नृत्य ने समा बांध दिया। मुख्यमंत्री ने उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद किया, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करते शहीद हुए सभी जवानों को श्रद्धांजलि दी।
रिज से नहीं चलने दी एंबुलेंस
राज्य स्तरीय समारोह के दौरान रिज मैदान से एंबुलेंस सेवाएं भी ठप रहीं। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ज्यादातर एंबुलेंस को सर्कुलर रोड से रवाना किया गया। कई एंबुलेंस सीटीओ से वापस लौटा दी गईं। इस पर लोगों ने सवाल भी उठाए। आमतौर पर रिज पर होने वाले कार्यक्रमों के दौरान एंबुलेंस की आवाजाही बंद नहीं की जाती थी लेकिन वीरवार को ऐसा नहीं हुआ।
ये लोग रहे मौजूद
समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा, विक्रमादित्य सिंह, हिमफेड अध्यक्ष गणेश दत्त, मिल्कफेड अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, नगर निगम शिमला महापौर कुसुम सदरेट, उप महापौर राकेश शर्मा, मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, मनोज कुमार, संजय गुप्ता, प्रधान सचिव जेसी शर्मा, ओंकार शर्मा, संजय कुंडू, महाधिवक्ता अशोक शर्मा भी मौजूद रहे।