बाद की थी घोषणा
अभी तक शुरू हो पाया है कैमरे लगाने का काम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह छात्रावास में 19 अक्तूबर को गैलरी से गिरकर हुई छात्र की मौत के बावजूद अभी तक छात्रावास में रेलिंग तक नहीं लगी है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए गए हैं।
इस घटना के बाद हरकत में आए विश्वविद्यालय ने 15 दिन में छात्रावासों के कॉरिडोर में कैमरे लगाने और एसबीएस सहित अन्य छात्रावासों की गैलरी में जाली, रेलिंग लगाकर इसे सुरक्षित बनाने के दावे किए थे। आज घटना को हुए ढाई माह बीत जाने पर भी न तो कैमरे लगे और न ही छात्रावासों में जालियां तथा रेलिंग लगीं। इन दोनों कार्यों में छात्रावासों में छात्रों की सुरक्षा और आपसी लड़ाई झगड़े पर अंकुश लगाने, निगरानी बढ़ाने को छात्रावास परिसरों और विवि परिसर में 160 सीसीटीवी कैमरे लगाने का एस्टीमेट तैयार कर इसे मंजूरी मिल जाने पर 20 लाख का बजट दिया था। विवि प्रशासन ने इलेक्ट्राॅनिक कार्पोरेशन को इस राशि से कैमरा लगाने का कार्य शुरू करने के आदेश दिए थे। बावजूद इसके अभी तक मामला कागजों में ही फंसा हुआ है। विवि प्रशासन के मुताबिक काम अवार्ड किए जाने की प्रक्रिया होनी है, उसके बाद ही छात्रावासों में कैमरे लगाने का कार्य शुरू हो पाएगा।
विवि के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डीएसपी जीडी शर्मा ने कहा कि विवि की ओर से बजट और काम इलेक्ट्राॅनिक कार्पोरेशन को दे दिया है। गौरतलब है कि शहीद भगत सिंह छात्रावास में एक छात्र की गिरकर मौत हो गई थी। विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने कहा कि इन दोनों कार्यों का पूरा मामला प्रशासन और निर्माण डिविजन के पास है।