लेकिन विधानसभा का प्रबंधन करने में चूक गए। चाहे भाजपा चार्जशीट की जांच को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयान हो, या फिर सरकारी स्कूलों के बच्चों को दी जाने वाली वर्दी को लेकर शिक्षा और नागरिक आपूर्ति विभाग के बीच हो रही खींचतान का मुद्दा।
विपक्ष ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में जयराम सरकार के खिलाफ हर उस फैसले को अपना हथियार बना लिया है जो विवादों में रहा है।
सोमवार को विपक्ष ने मंत्रिमंडल के आउटसोर्स आधार पर भर्ती करने के निर्णय, बिगड़ती कानून व्यवस्था और चार्जशीट की जांच कराने संबंधी बयानों से बदले
की भावना दिखाकर फंसा दिया है। कांग्रेस ने पिछले महीने ही जयराम सरकार के एक साल पर चार्जशीट लाने का एलान किया था। इसके बाद से खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भाजपा चार्जशीट की जांच की बात कह रहे थे।
कुछ समय पहले विजिलेंस ब्यूरो प्रमुख रहे डा. अतुल वर्मा की भाजपा चार्जशीट को लेकर कछुुआ चाल के चलते ही हटाए जाने की चर्चा थी। लेकिन अब सरकार के किसी एक्शन से पहले ही कांग्रेस ने जिस तरह कांग्रेस ने विजिलेंस की चार्जशीट जांच को लेकर हमला किया है उससे अब सरकारी खेमा ही हैरान है।
जहां एक ओर मुख्यमंत्री के चार्जशीट की जांच को लेकर दिए बयान के बाद उम्मीद की जा रही थी कि कांग्रेस 27 दिसंबर को धर्मशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाले जश्न से पहले शांत रहेगी। लेकिन अब मुकेश ने ही चार्जशीट पर बयान को लेकर सीधे मुख्यमंत्री को जिस तरह घेरा उससे उनका दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है।