विपक्ष के अलावा सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी सड़कों की खस्ता हालत, भवनों के निर्माण में देरी और पुलों के निर्माण कार्य से संबंधित प्रश्न लगाए हैं। अब तक विभाग के पास पौने दो सौ प्रश्न आ चुके हैं।
विधानसभा बजट सत्र में इस बार सड़कों और पुलों से संबंधित प्रश्नों की बौछार होगी। विपक्ष के अलावा सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी सड़कों की खस्ता हालत, भवनों के निर्माण में देरी और पुलों के निर्माण कार्य से संबंधित प्रश्न लगाए हैं। अब तक विभाग के पास पौने दो सौ प्रश्न आ चुके हैं। अधिकारियों की ओर से इसके जवाब तैयार किए जा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि बजट सत्र 6 अप्रैल तक चलेगा। ऐसे में प्रश्नों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। हिमाचल में सड़कों की हालत दयनीय है। सड़कों पर गड्ढे पड़े हैं।
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दर्जनों गांव अभी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। मंगलवार को विधानसभा में भरमौर के विधायक जनकराज ने प्रदेश में राज्यमार्ग पर स्थापित पुलों के निर्माण का जांच, सुंदरनगर के भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने सुंदरनगर में इंडोर स्टेडियम, पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीना ने ओच्छघाट-नेरी-छैला सड़क क्षतिग्रस्त, नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा, विनोद कुमार आदि विधायकों से सड़कों और पुलों की खस्ता हालत संबंधित प्रश्न लगाए हैं।