सहकारिता विभाग अब अपनी सारी सेवाओं को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन कवायद में जुट गया है। नए पंजीकरण ऑनलाइन करने के साथ ही अब पुरानी सभाओं के सारे डाटा को ऑनलाइन किया जा रहा है।
सभाएं किस तरह की हैं और कितना लेनदेन या सरकार से वित्तीय मदद ले चुकी हैं। इसके अलावा उनके कितने सदस्य है और कितने कर्मचारी हैं। सारी जानकारी ऑनलाइन होगी।
इस प्रक्रिया के ऑनलाइन होने के बाद जहां एक ओर सभा के पदाधिकारियों को दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं सरकार को भी एक क्लिक पर ही विभिन्न तरह की सभाओं की पूरी जानकारी उनके सामने आ जाएगी।