वहीं इस डीवीओआर को नवंबर, 2018 में स्थापित कर इसे चालू कर दिया गया। उम्मीद जताई जा रही थी कि इस सिस्टम के लगने से खराब मौसम में भी पायलटों को लैंड करने के लिए उचित विजिबिलिटी मिल जाएगी, लेकिन रनवे की लंबाई कम होने के कारण खराब मौसम में यहां पर लैंडिंग के दौरान जरूरी विजिबिलिटी पायलटों को नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते यहां पर अकसर खराब मौसम में फ्लाइटों को रद्द करना पड़ता है।
गगल एयरपोर्ट सभी प्रकार के उपकरणों से लैस है, लेकिन यहां के रनवे की लंबाई कम है। इसके चलते पायलटों को पर्याप्त विजिबिलिटी नहीं मिल पाती, जिसके चलते खराब मौसम में जहाज नहीं उतर पाते हैं। गगल एयरपोर्ट का विस्तार होने के बाद यहां पर इस तरह की दिक्कतों से निजात मिलेगी।- धीरेंद्र सिंह, निदेशक, गगल एयरपोर्ट