हिमाचल में छह लाख बीपीएल परिवारों को अब गेहूं के बजाय आटा देने की तैयारी है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार को भेज दिया है। प्रदेश में बीपीएल परिवारों को को अभी प्रतिमाह 2 रुपये किलो के हिसाब से 20 किलो गेहूं दिया जा रहा है।
विभाग एपीएल की तर्ज पर अब बीपीएल उपभोक्ताओं को भी गेहूं पिसाकर देने जा रहा है। उपभोक्ताओं को 5 से 6 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से आटा दिया जा सकता है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने इससे पूर्व भी राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था लेकिन इस पर आपत्ति लगा दी गई थी।
इस बार प्रस्ताव में तर्क दिया है कि एपीएल परिवारों को गेहूं पिसाकर आटा दिया जा रहा है जबकि गरीब परिवारों को गेहूं। बीपीएल को डिपो से गेहूं लेने और फिर घर से आटा पिसाने के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। आटा चक्कियों में भी 3 रुपये प्रतिकिलो ग्राम के हिसाब से पिसाई देनी पड़ती है।
ऐसे में आटा 6 से 7 रुपये प्रतिकिलो ही पड़ रहा है। इसमें समय भी बर्बाद हो रहा है। एपीएल की तरह बीपीएल को आटा दिया जा सकता है। गरीब परिवार आटा देने की मांग भी उठाते रहे हैं।
बीपीएल परिवारों को एपीएल की तर्ज पर आटा देने पर विचार किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। ऐसा करने से उपभोक्ताओं का काफी समय बच सकेगा-प्रियतू मंडल, निदेशक खाद्य आपूर्ति विभाग