किसान आंदोलन से ट्रेनों में घट गई पर्यटकों की संख्या
किसान आंदोलन का असर अब विश्व धरोहर कालका-शिमला रेललाइन पर चलने वाली ट्रेनों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। कालका से शिमला चलने वाली ट्रेनों में बुकिंग करीब 40 फीसदी तक घट गई है। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में भी कम सवारियां आने के चलते भीड़ भी कम होती जा रही है। किसानों बाहरी राज्यों में ट्रेनों को रोकने के चलते लोगों ने अपनी बुकिंग रद्द करनी शुरू कर दी है। हालांकि चंडीगढ़ और कालका में किसान आंदोलन नहीं हो रहा है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में किसानों ने रेलवे ट्रैक को बाधित कर रखा है। इससे कई ट्रेनें भी देरी से आ रही हैं। अधिकतर असर पंजाब से आने वाली ट्रेनों पर पड़ रहा है।
चंडीगढ़ से अन्य ट्रेनों का सहारा लेकर कालका रेलवे स्टेशन आने वाले यात्री बहुत कम हो गए हैं। इसके चलते कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर कम सवारियों के साथ ही टॉय ट्रेन चल रही है। वहीं कसौली और चायल के होटलों में भी पर्यटकों की संख्या कम हो गई है। पर्यटकों के प्रदेश में रुख न करने के चलते वीकेंड में भी संख्या बढ़ नहीं रही है। ऐसे में होटल कारोबारियों को फिर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में बर्फबारी होने से पर्यटकों में इजाफा हुआ था। लेकिन किसान आंदोलन के कारण फिर वहीं हाल होटलों में हो गया है। उधर, रेलवे अधिकारी ने बताया कि किसान आंदोलन के चलते कालका शिमला रेललाइन पर ट्रेनों में बुकिंग कम हो गई है। इधर, एनएच पर भी वाहनों की आवाजाही का असर पड़ा है।