उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने बीते साल सरकार को निर्देश दिए थे कि सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इम्यूनोहेमेटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग स्थापित करें, जहां अभी तक यह सुविधा नहीं है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने डॉ. ऋचा गुप्ता मामले में यह आदेश दिए थे। अदालत ने सरकार को छह महीने में इन विभागों को स्थापित करने का समय दिया था। ब्लड ट्रांसफ्यूजन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह सुनिश्चित करना है कि डोनर (रक्त देने वाला) और रिसीवर (रक्त लेने वाला) का ब्लड ग्रुप मेल खाता है कि नहीं। इसके साथ ही ब्लड ग्रुपिंग और क्रॉस-मैचिंग का भी काम करता है।