फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल के अर्जुन को आईएमए में मिला स्वॉर्ड ऑफ ऑनर का सर्वोच्च सम्मान

Sun, 09 Dec 2018 10:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन

राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) से शुरू हुआ सफर शनिवार को आईएमए में सर्वोच्च सम्मान स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडल के साथ पूरा हो गया। आईएमए की पीओपी से हिमाचल के हमीरपुर निवासी एकेडमी कैडेट एडजुडेंट अर्जुन ठाकुर के जीवन में यह दिन ऐतिहासिक बन गया। एसीए अर्जुन ठाकुर ने कहा, वह सदैव देशसेवा को तत्पर रहेंगे।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि देश की सेना में आना मेरे जीवन की सबसे बड़ी कामयाबी है। हिमाचल से कुल 15 युवा पासिंग आउट के बाद सेना के अफसर बने हैं। एसीए अर्जुन ठाकुर ने वर्ष 2010 में सैन्य करियर की शुरुआत आरआईएमसी से की थी। यहां से पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका चयन एनडीए में हो गया।

वर्ष 2017 में वहां से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह आईएमए आए। इस साल आईएमए से पासआउट होकर सेना में अफसर बन गए। उनके पिता यशमीर सिंह सरकारी कॉलेज में लेक्चरर हैं, जबकि मां सुनीता देवी भी शिक्षिका हैं। उनके दादा जैशी राम सेना से बतौर कैप्टन रिटायर्ड हैं। ले. अर्जुन ठाकुर का कहना है कि उनके दादा ही उनके आदर्श थे। उन्होंने सैन्य जीवन जीने के प्रति प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि देश की सेना में जाना उनके लिए सबसे खुशी का दिन है। अब आरआईएमसी, एनडीए और आईएमए से मिले संस्कारों को वह अपनी सेवाओं में उतारेंगे। एनडीए में प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल से सम्मानित अर्जुन ठाकुर को आईएमए के सर्वोच्च स्वॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ ही गोल्ड मेडल से भी नवाजा गया।

देश को 15 सैन्य अफसर देकर हिमाचल देश भर में सातवें स्थान पर

इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून में शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड में हिमाचल के कैडेटों की मौजूदगी दमदार तरीके से दर्ज हुई। एकेडमी से मित्र राष्ट्रों के 80 कैडेटों समेत कुल 437 कैडेट पास आउट हुए।

इस बैच के माध्यम से उत्तर प्रदेश (53), हरियाणा (51), बिहार (36), उत्तराखंड (26), दिल्ली (25) और महाराष्ट्र (20) के बाद हिमाचल प्रदेश ने देश को सबसे ज्यादा 15 सैन्य अफसर दिए।

सबसे खास बात है कि आईएमए की पासिंग आउड परेड में हिमाचल के ही कैडेट एडजुडेंट अर्जुन ठाकुर को दो प्रतिष्ठित सम्मान मिले हैं। अर्जुन ठाकुर को स्वोर्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन

उधर, हिमाचल से सैन्य अफसर बने युवाओं के परिवार गदगद हैं। इन घरों में आस पड़ोस और रिश्तेदारों से बधाई देने वालों का तांता लग गया है। शिमला निवासी हितेश जंटा के सेना में अफसर बनने पर पूरा फूला नहीं समा रहा।

पिता मदन जंटा ने बताया कि वे बेटे को सेना में अफसर बनाना चाहते थे। इसके लिए हितेश की पढ़ाई सैनिक स्कूल में कराई। हितेश बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही फौजियों की वर्दी काफी आकर्षित करती थी। आज पिता के साथ ही मेरा भी सपना पूरा हो गया। मां रचना कहती हैं कि बेटे को सेना की वर्दी में देखकर बहुत अच्छा लग रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें