जांच टीम ने इनमें कई खामियां पाई थीं। अधिकतर होटल वन भूमि पर पाए गए। यह होटल मणिकर्ण घाटी के मणिकर्ण, कसोल, कटागला, छलाल, तोष, पुलगा, तुलगा, कालगा व अन्य जगहों पर स्थित हैं।
एसडीएम सदर डा. अमित गुलेरिया ने बताया कि मणिकर्ण घाटी में हाईकोर्ट के आदेश पर 32 होटल व अस्थायी गतिविधियां सील की हैं। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि सुरक्षा के लिए हथियार से लैस पुलिस जवान मौके पर तैनात किए गए थे। घाटी में पहले चरण में 40 होटल, होम स्टे आदि सील किए थे, जबकि दूसरे चरण में 30 होटल व अन्य सील किए गए।
कुल्लू-मनाली स्थित होटलों की जांच रिपोर्ट से एनजीटी भी संतुष्ट नहीं है। प्राधिकरणों की ओर से 699 होटलों की सूची एनजीटी में दाखिल की गई थी। पीठ ने जांच रिपोर्ट की कमियों पर कई सवाल किए और बाद में इस मामले में एक निगरानी समिति गठित करने का आदेश दिया है।