भवन नियमित होने के अंधे कानून की आहट से प्रदेश में अवैध निर्माण की आंधी सी आ गई है। भूकंप की दृष्टि से हिमाचल पांचवें व चौथे जोन में आता है। ऐसे में ये अवैध निर्माण लोगों के लिए खतरनाक हैं। राज्य सरकार के फैसले से नियमों के तहत भवन बनाने वालों में जहां निराशा है।
वहीं कई लोग इसका फायदा उठाकर बेखौफ होकर भवनों को 4 से 6 और 7 मंजिल कर रहे हैं। हद तो इस बात की है कि जिन लोगों के भवनों में छत लग गई है, वे बेसमेंट खोलकर कमरे बना रहे हैं। जिन्होंने पहले ही बेसमेंट खोलने में बाजी मार ली है, वे अब पार्किंग और सेटबैक को कवर कर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए दुकानें बना रहे हैं।
शिमला में दिन-रात चल रहा निर्माण कार्य
अवैध भवनों को नियमित करने की आस में शिमला के टुटू, न्यू शिमला, मैहली, पंथाघाटी, ढली, लक्कड़ बाजार, संजौली, भट्ठाकुफर में दिन-रात निर्माण कार्य चल रहा है। रातों-रात लेंटर डाले जा रहे हैं। ओपन में जहां 4 मंजिला भवन स्वीकृत है, वहां एक महीने के भीतर लोगों ने 6 मंजिलें बना दी हैं। प्रतिबंधित एरिया में 3 से अधिक मंजिलें बना दी गई हैं।
सोलन में अवैध निर्माण की भरमार
सोलन के मालरोड के अलावा सर्कुलर रोड, टैंक रोड समेत चंबाघाट और रबौण में नगर परिषद के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में अवैध निर्माण की भरमार है। उधर नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि इस बाबत शिकायतें मिल रही है। अवैध निर्माण के काम को रोका जा रहा है।
रामपुर में 90 फीसदी मकान अवैध
रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में अवैध भवन बनाने की होड़ है। नगर परिषद क्षेत्र में करीब 90 फीसदी मकान अवैध रूप से बनाए गए हैं। किसी ने एक मंजिला भवन बनाने की मंजूरी ली है तो उसने पांच मंजिला इमारत खड़ी कर दी है।
चंबा में अवैध तरीके से बन गईं बहुमंजिला इमारतें
चंबा शहर में दस से ज्यादा ऐतिहासिक स्मारक हैं। इन स्मारकों की 100 मीटर की परिधि में कोई भी नवनिर्माण नहीं हो सकता जबकि 200 मीटर के बाद किसी भी इमारत का जीर्णोद्धार बिना इजाजत संभव नहीं। यह परिधि शहर के सात वार्डों पर असर डालती है।
चंबा में पिछले कई सालों से नगर नियोजन का कार्यालय भी नहीं था। इस दौरान कई इमारतों का निर्माण अवैध तरीके से हो गया है। जगह कम होने की वजह से यहां बहुमंजिला इमारतें बनी हैं, जो अब नियमित होंगी।
बिगड़ रहा सिरमौर का सौंदर्य
सिरमौर जिले के नाहन और पांवटा साहिब में अवैध निर्माण जोरों पर है। यहां भी रातों-रात लेेंटर डाले जा रहे हैं। नगर परिषद नाहन में ही इस तरह के कई मामले सामने आने लगे हैं। नगर परिषद ने भी शिकायतों को देखते हुए ऐसे लोगों पर नकेल कसने की योजना बनाई है। अवैध भवन निर्माण से शहरों का सौंदर्य बिगड़ने लगा है।
धर्मशाला में धड़ाधड़ हो रहा निर्माण
धर्मशाला और मैकलोडगंज में धड़ाधड़ अवैध निर्माण शुरू हो चुका है। पहले प्लानिंग एरिया में चिह्नित भूमि के 60 फीसदी हिस्से में निर्माण की अनुमति थी। लेकिन अब 100 फीसदी हिस्से में निर्माण शुरू हो गया है।
जिला कुल्लू के शहरी इलाकों में अवैध भवनों का निर्माण जहां धडल्ले से हुआ है तो वहीं भवनों की दूसरी व तीसरी मंजिलों का निर्माण भी शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय कुल्लू के अलावा पर्यटन नगरी मनाली, भुंतर,बंजार व आनी आदि में शहरों में हुए अवैध मकानों
के नियमित करने से लोगों खुशी है। ऐसे भवनों का निर्माण ने जोर पकड़ लिया है। ऊना और हमीरपुर में भी अवैध निर्माण ने जोर पकड़ा है, नियमों को ठेंगा दिखाते हुए लोग धड़ाधड़ बिना अनुमति से भवन का निर्माण कर रहे हैं।