हिमाचल में एक साल के भीतर अवैध भवन नियमित हो जाएंगे। सरकार की ओर से यह राहत सिर्फ एक साल के लिए ही है। नए टीसीपी एक्ट में इसकी समय सीमा निर्धारित की गई है। अवैध भवन नियमित करवाने के लिए आवेदन की समयसीमा 60 दिन होगी।
इसके बाद लोगों को अपने भवन के नक्शे के अलावा अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। विभाग के अफसर दस्तावेजों की जांच पड़ताल के लिए फील्ड में जाएंगे। अगर किसी ने गलत दस्तावेज विभाग के पास जमा करवाए होंगे तो उन भवन मालिकों के खिलाफ भी सरकार कानूनी कार्रवाई करेगी।
टीसीपी से मिली जानकारी के मुताबिक हिमाचल में अब तक 6 बार भवन नियमित करने को पॉलिसी लाई गई है। पॉलिसी की समयसीमा 6 महीने तक रही है। इस बार अवैध भवनों को नियमित कराने के लिए एक्ट के नियमों में किए गए संशोधन का समय सबसे अधिक है। विभाग का मानना है कि अवैध भवनों की 30 हजार अनुमानित संख्या होने के कारण ही एक साल का समय निर्धारित किया गया है।
भवनों की होगी नंबरिंग
हिमाचल में अब अवैध भवनों की नंबरिंग होगी। नंबरों से ही भवनों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा हिमाचल के सभी भवनों की जीआईएस मैपिंग भी होगी।
अवैध भवन नियमित करने की अंतिम पॉलिसी
अवैध भवनों को नियमित कराने के लिए यह अंतिम पॉलिसी होगी। इसके बाद अगर कोई भवन मालिक अवैध निर्माण करता है तो उसकी मूलभूत सुविधाएं छीन ली जाएंगी।
जिस दिन से एक्ट की अधिसूचना जारी हुई है, उसके 60 दिन के भीतर लोगों को आवेदन करना है। यह राहत एक साल तक होगी।
- सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री