हिमाचल में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण आदि समस्याओं के निदान के उपाय युवा उद्यमी अपने स्टार्टअप (उद्योग) के आइडिया के माध्यम से सुझाएंगे। यदि युवा अपने तर्कसंगत विचारों से आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों को प्रभावित करने में कामयाब रहे तो पहले तीन उद्यमियों को स्टार्टअप के लिए दो-दो लाख रुपये नकद इनाम मिलेगा। विचारों में हकीकत के रंग भरने के लिए 50 लाख रुपये तक फंडिंग का प्रावधान भी होगा। यह राशि पहले तीन स्थान प्राप्त करने वालों को इन्क्यूबेशन सपोर्ट और प्रोटोटाइप तैयार करने और फिर प्रोडक्ट के विकास के लिए मिलेगी।
यह संभव होगा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के छठे हिमालयन स्टार्टअप ट्रैक ग्रैंड चैलेंज (एचएसटी) से। यह 26 से 28 अगस्त तक आईआईटी मंडी में होगा। प्रतियोगिता के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। प्रतियोगिता में स्टार्टअप, इनोवेटर्स और इच्छुक उद्यमी भाग ले सकते हैं। इसमें पहला थीम द न्यू एज एलायंस में ह्यूमन-कंप्यूटर इंटरेक्शन होगा। स्मार्ट इंटेलिजेंस को लेकर नए आइडिया मंगवाए जाएंगे। दूसरा थीम हिमाचल की समस्याओं के निदान और विकास को लेकर होगा। तीसरा थीम पर्यावरण और सस्टेनेबलिटी है। इसमें हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं से संबंधित होगा।
हिमाचल से जुड़े यह आइडिया मांगे
पहाड़ी सड़क सुरक्षा, आपदा नियंत्रण और प्रबंधन। हिमालयी कृषि के लिए मांग और आपूर्ति पक्ष की चुनौतियां। वोकल फॉर लोकल- स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ाने के प्रयास के लिए, गांवों का विकास, मरीज के लिए सुविधाजनक अस्पताल प्रबंधन सूचना तंत्र का विकास, मरीज के स्वास्थ्य और प्रिस्क्रिप्शन के रिकॉर्ड रखने के लिए डिजिटाजेशन और डाटा आधारित विश्लेषण। अधिक ऊंचाई पर ट्रैकिंग के लोकप्रिय मार्गों का ट्रैक रखना। ट्रैकर्स के लिए एसओएस सिस्टम ताकि इंटरनेट नेटवर्क जहां नहीं हो, वहां से मदद के लिए कॉल कर सकें। हिमालय क्षेत्र में उपयोगी ड्रोन की प्रौद्योगिकी।
आईआईटी मंडी टेक्नालॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर कैटलिस्ट छठे हिमालयन स्टार्टअप ट्रैक (एचएसटी) का आयोजन 26 से 28 अगस्त तक करेगा। प्रतियोगिता में स्टार्टअप, इनोवेटर्स और इच्छुक उद्यमी भाग ले सकते हैं और इनाम प्राप्त कर सकते हैं।
लक्ष्मीधर बेहरा निदेशक, आईआईटी