पुरुषों की तुलना में महिलाओं में पित्ताशय की पथरी काफी अधिक पाई गई है। इसी के साथ फैटी लीवर, बढ़ती उम्र में भी गॉलस्टोन की संभावना कई गुना तक बढ़ जाती है। अगर समय पर जांच व उपचार न करवाया जाए तो कैंसर तक का खतरा बन सकता है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के सर्जरी विभाग ने यह अध्ययन किया है। इसमें पित्ताशय दुर्लभ बीमारियों का भी पता चला। शोधकर्ताओं ने 450 महिलाओं और पुरुषों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 50 फीसदी से ज्यादा महिलाओं में पित्ताशय की पथरी पाई गई, यानी महिलाओं को पुरुषों की तुलना में दोगुना जोखिम था।
इनका समायोजित ऑड्स रेशियो 2.04 था। बढ़ती उम्र एक निरंतर काम करने वाला कारक है। ऐसे में हर साल की बढ़ोतरी के साथ गॉलस्टोन बीमारी होने की संभावना चार फीसदी तक बढ़ जाती है। इसके अलावा गॉलब्लेडर पॉलिप्स (1.1%), गॉलब्लैडर की मोटी दीवार होना (1.3%), और गॉलब्लैडर के कैंसर का संदेह पैदा करने वाले संरचनात्मक लक्षण (0.9%) मिले हैं।