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Shimla News: आईजीएमसी की सरकारी लैब में नहीं हुए लिवर, किडनी टेस्ट

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अस्पताल आए सैकड़ौ मरीजों को झेलने पड़ी परेशानी
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पुराने भवन में खुली निजी लैब में करवाने पड़े टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की बायोकेमिस्ट्री लैब में लगी मशीन खराब हो गई। मशीन खराब होने से मंगलवार को लिवर, किडनी और शुगर के टेस्ट नहीं हो पाए।
इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने निजी क्रस्ना लैब में रूटीन के सैंपलों की जांच करवाई। आईजीएमसी में रोजाना हजारों मरीज मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थो, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, बालरोग, मनोचिकित्सा समेत विभिन्न ओपीडी में जांच करवाते हैं। प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सक मरीजों को लिवर, किडनी और शुगर समेत विभिन्न टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। लेकिन मंगलवार को जब मरीज फार्म लेकर न्यू ओपीडी पहुंचे तो कहा गया कि इसकी जांच निजी क्रस्ना लैब में होगी। यह सूचना मिलने के बाद कई मरीज पुराने भवन स्थित निजी क्रस्ना लैब पहुंचे। हालांकि उन्हें यहां बताया गया कि न्यू ओपीडी में ही सैंपल लेने की व्यवस्था है। इस वजह से मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। हालांकि कई मरीजों ने कहा कि अगर नोटिस चस्पा होता तो उन्हें दिक्कतें पेश न आती।
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अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि मरीजों को परेशानी पेश न आए इसलिए न्यू ओपीडी ब्लॉक में ही निजी क्रस्ना लैब को रूटीन के सैंपल लेने के निर्देश दिए थे। इसके बाद ही सुबह साढ़े 9 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रूटीन के सैंपल लिए हैं।
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कब ठीक होगी मशनी, सपष्ट नहीं
अस्पताल की बायोकेमिस्ट्री लैब में लगी मशीन सालों पुरानी है। आलम यह है कि यह मशीनें अपनी तय अवधि पूरी कर चुकी हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन को भी इसकी सूचना है, लेकिन नई मशीन की खरीदारी की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। यही वजह है कि पुरानी मशीनों पर ही सैंपल लेने का काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इंजीनियर बुलाया है। मशीन का पार्ट भी बाहर से आना है, यह कब तक आएगा इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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