सर्दियों के मौसम में अगर हीटरों की वजह से दफ्तरों में आग लगी तो अफसरों पर कार्रवाई होगी। बिजली बोर्ड ने आग की घटनाएं रोकने को हर ऑफिस में फायर सेफ्टी अफसर बनाने के आदेश जारी किए हैं। इन अफसरों को हीटर ऑफ करने कि रोजाना रजिस्टरों में एंट्री करनी पड़ेगी। औचक निरीक्षण के दौरान अगर दफ्तरों में रात के समय भी हीटर ऑन मिले तो फायर सेफ्टी अफसरों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
सर्दियों के मौसम में आग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बिजली बोर्ड प्रबंधन ने एहतियात बरतने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में दफ्तरों में नियुक्त निजी सचिवों, निजी सहायकों, स्टेनोग्राफरों, सेक्शन अफसरों, अधीक्षकों और शाखा प्रभारियों को फायर सेफ्टी अफसर बनाया गया है। इन अफसरों पर अपने कार्यालयों में जलाए जाने वाले हीटरों पर नजर रखने का जिम्मा रहेगा। शाम को दफ्तर बंद होने पर इन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि हीटर और अन्य बिजली उपकरण सही तरीके से बंद हुए हैं।
इसके अलावा दफ्तरों में ऐसा कोई भी सामान नहीं होना चाहिए, जिससे आग की घटना हो। इन्हें फायर ड्यूटी रजिस्टर भी बनाना होगा। इसमें रोजाना सारी जांच पड़ताल करने के बाद साइन करने होंगे। फील्ड कार्यालयों में चीफ इंजीनियर फायर सेफ्टी अफसरों की नियुक्ति करेंगे। बिजली बोर्ड के हर ऑफिस के हर कमरे में बैठने वाले उच्च अधिकारी को फायर सेफ्टी अफसर बनाया जाएगा।