इसमें विद्यार्थियों को मानवता और सामाजिक गतिविधियों के साथ जोड़कर समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। नौवीं कक्षा पास करने पर छात्रों के कैंप लगा कर देखा जाएगा कि प्रशिक्षण के तहत उन्होंने क्या सीखा।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम के तहत बच्चों को आदर्श भारतीय नागरिक बनने की राह तैयार की जाएगी। ईमानदारी, मेहनत और लगन की सीख भी दी जाएगी। कैडेटों के प्रशिक्षण का मूल्यांकन करने के बाद उन्हें प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते साल हरियाणा के गुरुग्राम से विद्यार्थियों को बुनियादी कानून और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देने के लिए स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी) प्रोग्राम शुरू किया था। इसी कड़ी में इस साल से हिमाचल के स्कूलों में कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
स्टूडेंट पुलिस कैडेट प्रोग्राम के तहत अपराध की रोकथाम और नियंत्रण तथा मूल्य और नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसकी कोई वार्षिक परीक्षा नहीं होगी। अपराध की रोकथाम और नियंत्रण के तहत शामिल विषयों में सामुदायिक पुलिस, सड़क सुरक्षा, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई, महिलाओं और
बच्चों की सुरक्षा, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और आपदा प्रबंधन होगा। मूल्य और नैतिकता भाग के तहत शामिल विषयों में मूल्य और नैतिकता, बुजुर्गों का आदर, सहानुभूति और सहनशीलता, धैर्य, टीम भावना और अनुशासन शामिल हैं।