कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू (फाइल फोटो)
कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में शोध कार्य के बाद इसे किसानों-बागवानों के बीच लागू करवाने में शिमला जिले का रोहडू स्थित कृषि विज्ञान केंद्र प्रदेश स्तर पर प्रथम रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद जोन एक कृषि विवि लुधियाना ने उत्तराखंड के जीवी पंत कृषि विवि पंतनगर में कार्यशाला के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू को सम्मानित किया।
कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू किसानों-बागवानों को कीटनाशकों के कम प्रयोग तथा जैविक खेती के लिए कई सालों से प्रेरित कर रहा है। किसानों-बागवानों को कीटनाशकों तथा फफूंद नाशकों का प्रयोग अति आवश्यकता पड़ने पर ही करने की सलाह दी गई है। बागवानी क्षेत्र में सेब की लाल प्रजाति को विकसित करने में केंद्र का विशेष योगदान रहा है।
लाल सेब आज सबसे महंगे दाम पर बिक रहा है। सेब बगीचों में तीस प्रतिशत परागण की किस्में विकसित करवाने में भी कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू के वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र कायथ तथा टीम का कार्य सराहनीय रहा है। केंद्र ने मटर स्नो पी मटर की किस्म विकसित कर बाजार में चार गुणा अधिक दाम पर बेचा है।
प्रगतिशील बागवान भगत सिंह ठाकुर, लोकेंद्र बांष्टू, योगेश्वर सिंह, कांता देष्टा, बनारसी दास, अमृत सिंह और शिव सिंह खलास्टा का कहना है कि कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू का किसानों-बागवानों के लिए विशेष योगदान रहा है। केंद्र को सम्मान मिलने पर कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू के प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ तथा उनकी टीम को बधाई दी है।