फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लंबी माथापच्ची के बाद बीके अग्रवाल बने हिमाचल के मुख्य सचिव

Mon, 01 Oct 2018 09:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल
विज्ञापन

जयराम सरकार ने लंबी माथापच्ची के बाद बृज कुमार अग्रवाल को हिमाचल का नया मुख्य सचिव बना दिया है। रविवार को छुट्टी के दिन इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के  फतेहगढ़ के रहने वाले अग्रवाल 1985 बैच के हिमाचल काडर के आईएएस अधिकारी हैं। पिछले काफी दिनों से हिमाचल में सीएस तय करने के लिए माथापच्ची चल रही थी। 29 सितंबर को विनीत चौधरी की मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्ति के बाद भी सरकार इस पर कोई फैसला नहीं ले पाई थी।

विज्ञापन


सीएस बनने से पहले अग्रवाल अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह व सतर्कता) के पद पर तैनात थे। उनके पास अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वित्तायुक्त अपील और प्रधान आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का भी अतिरिक्त कार्यभार था। जयराम सरकार के सत्ता में आने के कुछ अरसे बाद ही वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से हिमाचल लौटे। इससे पहले वह केंद्र और हिमाचल में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। अग्रवाल की सेवानिवृत्ति 30 जून, 2021 को होगी। इस तरह से उन्हें हिमाचल की अफसरशाही का प्रमुख रहते हुए काम करने को लंबा समय मिलेगा।

क्यों मिली अग्रवाल को तरजीह

नौ माह पहले वीरभद्र सरकार के सत्ताच्युत होने के बाद तक 1983 बैच के आईएएस अधिकारी वीसी फारका मुख्य सचिव थे। उन्हें वीरभद्र सरकार में कई अधिकारियों को सुपरसीड कर सीएस बनाया गया था। जयराम सरकार ने उन्हें इस पद से हटाकर विनीत चौधरी को मुख्य सचिव बना दिया। चौधरी 1982 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ भी विनीत चौधरी के अच्छे संबंध हैं।

विनीत चौधरी की सेवानिवृत्ति तक यह कयास लगाए जा रहे थे कि अगर नड्डा की चली तो बीके अग्रवाल से वरिष्ठ 1983 बैच की आईएएस अधिकारी उपमा चौधरी भी मुख्य सचिव हो सकती हैं। उपमा विनीत चौधरी की पत्नी हैं, मगर वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से नहीं लौट सकीं। हालांकि, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की पसंद शुरू से ही बीके अग्रवाल और डा. श्रीकांत बाल्दी माने जा रहे थे।

जयराम फ्री हैंड चाह रहे थे, जिससे कि निर्णय लेने में बाहरी हस्तक्षेप न रहे। अग्रवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भी पसंदीदा माने जाते हैं। 1985 बैच के अधिकारियों में वह बाल्दी से वरिष्ठ हैं। राज्य में मौजूद अधिकारियों में केवल वीसी फारका ही अग्रवाल से वरिष्ठ थे। अग्रवाल की छवि एक चुस्त और ईमानदार अधिकारी की भी है। आखिर जयराम सरकार ने उनको मुख्य सचिव बना लिया। 
विज्ञापन

इन अहम पदों पर दे चुके हैं सेवाएं

हिमाचल प्रदेश सरकार
बीके अग्रवाल को सिरमौर जिले के दुर्गम क्षेत्र पच्छाद में 1985 में पहली पोस्टिंग सहायक आयुक्त होने के बाद उन्हें दुर्गम क्षेत्र आनी में तैनाती मिली। इसके बाद एक साल एडीसी कांगड़ा रहे। फिर आयुक्त परिवहन और पर्यटन नियुक्त किए गए।

तीन साल डीसी ऊना और दो साल डीसी कांगड़ा रहे। फिर मंडलायुक्त कांगड़ा का भी जिम्मा संभाला। फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में पांच साल तक लखनऊ में सेवाएं दीं। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव भी रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें