संजौली स्थित मस्जिद में कथित अवैध निर्माण का मामला गरमाने के बाद शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए शुक्रवार सुबह शहर में विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक साथ शांति मार्च निकाला। इस दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा युवा, बुजुर्ग पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, आईएएस अधिकारी और पूर्व विधायक भी मार्च में शामिल रहे।
उपायुक्त कार्यालय के बाहर सुबह 11:00 बजे के करीब विभिन्न समुदायों के लोग इकट्ठा हुए। पोस्टर के जरिये शांति बनाए रखने की अपील की। नाज चौक पर नगर निगम के महापौर रहे संजय चौहान ने लोगों से अपील कि वह सभी शांतिपूर्ण तरीके से माल रोड, स्कैंडल होते हुए रिज मैदान पहुंचे। 12:32 बजे जब लोग आगे बढ़ने लगे तो पुलिस की टीम नेताओं को रोकने का प्रयास करने लगी। लेकिन जब उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से जाने की बात कही तो उन्हें जाने दिया गया। इसके बाद 12:48 पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने की अपील के बाद मार्च खत्म हुआ।
इस अवसर पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी के भूतपूर्व निदेशक प्रो. चेतन सिंह, पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक सानन, आईएएस अजय शर्मा, प्रो. घनश्याम चौहान, प्रो. राजेंद्र चौहान, प्रो. विजय कौशल, प्रदेश उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट संजीव भूषण, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, पूर्व महापौर मनोज कुमार, संजय चौहान, पूर्व उपमहापौर टिकेंद्र पंवर, माकपा सचिव ओंकार शाद, आप नेता चमन राकेश आजटा, संजय शर्मा, मनमोहन सिंह, निरंकारी सभा के कैप्टन एनपीएस भुल्लर, वांबेडकर सभा संयोजक प्रीत पाल सिंह मट्टू, सेवानिवृत प्राचार्य एस डोगरा, प्रो. सत्या चौहान, मौलाना मुमताज अहमद कासमी, महफूज मालिक, काजी इरशाद, अब्दुल रहीम, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद पीरू, हिमाचल किसान सभा प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह तंव और सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा आदि मौजूद रहे।
यह ली शपथ
रिज मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप शिमला शहर के नागरिकों ने धर्म, जाति, क्षेत्र, लिंग, नस्ल से ऊपर उठकर देश की एकता व अखंडता के लिए कार्य करने, आपसी भाईचारे, अमन चैन व शांति को कायम रखने, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को कायम रखने की शपथ ली। कहा कि देश के संविधान को चुनौती देने वाली सांप्रदायिक शक्तियों का डटकर मुकाबला करेंगे।