हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र नगरोटा बगवां के गांव लिली के शहीद जवान हैप्पी सिंह की पार्थिव देह गुरुवार को तीन दिन बाद पैतृक गांव पहुंची। बेटे की पार्थिव देह को देखकर माता-पिता, बहन बेसुध हो गए। जब से हैप्पी के देहांत की सूचना मिली है तब से परिवार में तीनों ने अन्न का एक दाना तक ग्रहण नहीं किया है। पड़ोसियों ने भी चूल्हा नहीं जलाया। पूरा गांव गमगीन है। शहीद हैप्पी सिंह को हजारों लोगों ने अंतिम विदाई दी। हर आंख नम हुई। इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय, शहीद हैप्पी सिंह अमर रहे...के नारे लगाए।
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बता दें भारतीय थल सेना में लेह में सेवारत सैनिक हैप्पी (24) की सोमवार को आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। शहीद हैप्पी भारतीय सेना 26 पंजाब रेजिमेंट में लेह में सेवारत थे। कड़ाके की ठंड में ग्लेशियर में अपनी ड्यूटी के दौरान मृत्यु से दो दिन पूर्व तबीयत बिगड़ जाने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद शहीद हैप्पी का बीते सोमवार को सुबह निधन हो गया। शहीद हैप्पी अविवाहित थे जबकि उनकी एक छोटी बहन भी है। पिता विनीत कुमार मौजूद समय मे गांव में एक सब्जी की दुकान चलाते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। जबकि माता गृहणी हैं।