अंतिम यात्रा में ये नेता भी हुए शामिल
अंतिम संस्कार में कांग्रेस की राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा, कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह, यादविंद्र गोमा, चंद्र कुमार, अनिरुद्ध सिंह, आशीष बुटेल, भवानी सिंह पठानिया, नीरज अय्यर, देवेंद्र भुट्टो, सुदर्शन, इंद्रपाल लखनपाल, रवि कुमार, राजेश धर्माणी, संजय रत्न, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, रामलाल ठाकुर, आशा कुमारी, रंगीला राम राव, पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के अलावा सतपाल सत्ती, राकेश पाठनिया, राम कुमार, परमजीत पम्मी, कमल सैनी, लखबीर लकी सहित पंजाब के आम आदमी नेता हरजोत बैंस भी मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी मुकेश अग्निहोत्री के आवास पर जाकर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
उपमुख्यमंत्री की पत्नी के निधन पर राहुल और प्रियंका ने जताया दुख
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी सिम्मी अग्निहोत्री के निधन पर दुख जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर प्रियंका ने लिखा कि हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री की पत्नी सिम्मी अग्निहोत्री के निधन का समाचार पाकर मन को अत्यंत दुख पहुंचा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि सिम्मी अचानक हम सबको छोड़कर चिरनिद्रा में चली गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सिम्मी के निधन का समाचार सुनकर वह निशब्द हैं। उधर, प्रदेश कांग्रेस महासचिव संगठन रजनीश किमटा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदर्श सूद, विनीत गौतम, वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, आनंद कौशल, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, अमित पाल सिंह, यशपाल तनाईक, दवेंद्र बुशहरी, चंद्र प्रभा नेगी, अतुल शर्मा, जितेंद्र चौधरी,हरिकृष्ण हिमराल, सुशांत कपरेट, अनुराग शर्मा, जैनब चंदेल, निगम भंडारी, यदोपति ठाकुर, अमित नंदा, एसके सहगल, गुलाब सिंह ठाकुर, मान सिंह ठाकुर, परमदेव शर्मा, विराज शर्मा, मनीषा मेहता, भगत राम, कपिल मुश्ताक, घनश्याम, विपिन, सुरेंद्र, कांता कृष्णा, रोहित, पवन, मनोज कुमार, नरेश, देवेंदर कुमार रतन ने भी दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है।
राज्यपाल ने प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के निधन पर जताया शोक
शिमला। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की धर्मपत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में परमपिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति से उबरने की प्रार्थना की है।
मंडी की बेटी के आकस्मिक निधन से छोटी काशी गमगीन, सामाजिक संगठनों और नेताओं ने जताया शोक
मंडी की बेटी और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की धर्मपत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के आकस्मिक निधन से छोटी काशी गमगीन है। प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री का मंडी शहर के भगवाहन मोहल्ले में मायका है। उनकी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा मंडी से हुई है। पीएचडी उन्होंने एचपीयू से की थी। उनके निधन पर सामाजिक संगठनों और नेताओं ने शोक जताया है। मुकेश अग्निहोत्री के लिए व्यक्तिगत और समाज के लिए बड़ी क्षति बताया है। पिता तेजा गोयल और माता सुभाष गोयल के घर के जन्मी सिम्मी के आकस्मिक निधन से हर कोई स्तब्ध है। तीन बहनों में सबसे बड़ी सिम्मी को सामाजिक कार्यों में काफी रुचि थी। शिक्षा जगत के अलावा प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री धार्मिक कार्यों में लीन रहती थीं।
उपमुख्यमंत्री के बाहर रहने पर हरोली हलके में प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री ही सामाजिक दायित्व निभाती थीं। विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने मुकेश अग्निहोत्री की जीत के लिए बेटी आस्था के साथ दिन-रात कड़ी मेहनत की थी। जीत मिलने पर पैदल ही मां चिंतपूर्णी और ज्वाला जी के दर्शन किए थे। मंडी जिला कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष प्रकाश चौधरी, चंपा ठाकुर, तोष कुमार, रामलाल शर्मा ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। वहीं, व्यापार मंडल मंडी के अध्यक्ष राजेश महेंद्रू और अन्यों ने भी प्रो. सिम्मी के आकस्मिक निधन पर शोक जताया है।खलियार वार्ड से अलकनंदा हांडा ने बताया कि प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री काफी मिलनसार और बहुमुखी प्रतिभा की धनी थी। उनका आकस्मिक निधन दुखद है।
चुवाड़ी में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम स्थगित
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में भटियात विधानसभा क्षेत्र के चुवाड़ी में शनिवार को होने वाला सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी के देहांत के कारण स्थगित हो गया। अब यह कार्यक्रम आगामी तिथि निर्धारित कर करवाया जाएगा। चुवाड़ी पहुंचने वाले विभिन्न विभागीय अधिकारियों को चुवाड़ी तो कई अधिकारियों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा।