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हाईवे किनारे से उखाड़ दिए सैंकड़ों घर, बचे भवनों में बिजली न पानी

Sat, 03 Jun 2017 01:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मपुर (सोलन)
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फोरलेन की जद में आए धर्मपुर बाजार को उखाड़ने का क्रम जारी है। मकान गिरते रहे और धूल का गुबार हवा में उड़ता गया। अब दूर से धर्मपुर बाजार एक मलबे के ढेर की तरह नजर आता है।
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एनएच की भारी मशीनें घरों और दुकानों को मलबे के ढेर में बदलने का काम करती रही। सड़क पर आ चुके कारोबारी सामान समेटने में व्यस्त रहे। 

बाजार के आखिरी हिस्से में कुछ कारोबारियों ने खुद ही घरों और दुकानों को उखाड़ना शुरू कर दिया है। लेकिन कब्जों को उखाड़ने की इस मुहिम से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

लोगों का कहना है कि पिछले तीन दिन से यहां न बिजली है न ही पानी आ रहा है। जेसीबी मशीन से पानी की पाइपें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बिजली की तार भी टूट गए हैं। 
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एनएच प्रबंधन जेसीबी की मदद से दुकानों और घरों को तोड़ रही है। अब तक धर्मपुर बाजार में लगभग 40 दुकानों को तोड़ा जा चुका है। शुक्रवार भवन तोड़ने और पेड़ काटते हुए कई जगह बिजली तथा दूरसंचार की तारें भी चपेट में आ गई।

इस कारण कारण धर्मपुर, सहित सुक्कीजोहडी और पड़ाव पर कई घरों में पिछले तीन दिन से बिजली, पानी तथा टेलीफोन सेवाएं ठप पड़ी हैं। 

कार्रवाई में होने वाले नुकसान से बचने के लिए लोगों ने खुद ही घर की खिड़कियां, दरवाजे सहित ईंटें और अन्य कीमती सामान जो काम में लाया जा सकता था को निकाल लिया।

प्रशासन ने चार दिन में धर्मपुर को खाली करवाने का फैसला किया था और शुक्रवार को आखिरी दिन शाम तक इस कार्रवाई को अंजाम दिया जाता रहा।  

फोरलेन के निर्माण में कई हरे पेड़ों की बलि 
फोरलेन के निर्माण में जुटी कंपनी ने धर्मपुर के पास ही हाइवे की परिधि में आ रहे पेड़ों को भी काटना शुरू कर दिया है। इस मार्ग पर अब तक सैकड़ों पेड़ काटे जा चुके हैं।

इन पेड़ों को लेकर भी लोग अब सवाल उठाने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण में जुटी कंपनी एनजीटी के नियमों को रौंदकर पेड़ों को काट रही है। 

हरे पेड़ों को जड़ों समेत उखाड़ा जा रहा है। हरे पेड़ों की इमारती और कीमती लकड़ी को इस्तेमाल लायक बनाया जा रहा है। धर्मपुर के होटल कारोबारी राजकुमार गर्ग ने बताया कि एनजीटी ने कसौली में पर्यावरण के लिए होटल मालिकों पर कार्रवाई की है। 

फोरलेन के लिए अंधाधुंध काटे जा रहे पेड़ और प्रकृति को पहुंच रहे नुकसान पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इस बारे में जल्द ही आवाज उठाई जाएगी। जीआर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर देवाशीष पात्रा ने कहा कि कंपनी ने 46 पेड़ काटने की मंजूरी ले रखी है। 

अब नहीं आएगी अड़चन: तहसीलदार 
तहसीलदार कसौली केशव राम ने बताया कि धर्मपुर बाजार में नियमों के अनुरूप कार्रवाई की है। प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया है।

उन्होंने कहा कि चार दिन में सारे बाजार को खाली करवाने के निर्देश थे जिसे अमल में लाया गया है। उन्होंने कहा कि अब फोरलेन के लिए कोई अड़चन नहीं आएगी।
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