राजधानी शिमला में एचआरटीसी की अपनी टैक्सी सेवा जनवरी 2015 माह से शुरू होगी। एचआरटीसी शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों से होकर गुजरने वाले 20 रूटों पर अपनी टैक्सियां चलाएगा। टैक्सियों के संचालन के लिए एचआरटीसी प्रबंधन ने 17 टवेरा और 3 फोर्स गाड़ियां खरीदने को मंजूरी दी है।
अभी तक एचआरटीसी इन रूटों पर शहर के लोगों को निजी टैक्सी आपरेटरों के माध्यम से टैक्सी सेवा उपलब्ध करवा रहा था। शहर में बस सेवा के साथ अब एचआरटीसी लोगों को बंधित प्रतिबंधित मार्गों पर टैक्सी सेवा भी मुहैया करवाएगा। परिवहन मंत्री जीएस बाली के आदेशों पर एचआरटीसी प्रबंधन ने शहर में टैक्सियां चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एचआरटीसी के प्रबंधक निदेशक डा. आरएन बत्ता की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय में हुई बैठक में राजधानी शिमला के लिए 20 नई गाड़ियां खरीदने को मंजूरी दे दी है। गाड़ियों की खरीद के बाद इन्हें रूट परमिट जारी कर शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों पर चलाना शुरू कर दिया जाएगा। एचआरटीसी की इन गाड़ियों को निगम के सीनियर ड्राइवर चलाएंगे। अब शहर के लोगों को टैक्सियों की तेज रफ्तार से भी राहत मिलेगी।
फ्रंट सीट वरिष्ठ नागरिकों को
टैक्सियों की फ्रंट सीट वरिष्ठ नागरिकों, रोगियों, अपंगों और बच्चों के लिए रिजर्व रहेगी। अन्य सीटों में भी विशेष श्रेणी यात्रियों को प्राथमिकता मिलेगी। ईटीएम (इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन) से टिकट दिए जाएंगे।
रात दस बजे तक मिलेगी लोगों को सेवा
एचआरटीसी की सभी टैक्सियां जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) से लैस होंगी। अधिकारी दफ्तर से टैक्सियों पर नजर रख सकेंगे। टैक्सियां सुबह सात बजे से रात आठ बजे और सर्दियों में सुबह 8 से रात 7 बजे तक चलेंगी।