कोरोना काल के बीच प्रदेश में बसों का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन लाहौल-स्पीति के लोग कोरोना के खौफ के चलते घाटी में बसों की आवाजाही नहीं चाहते हैं। घाटी के लोगों ने यात्रियों को लेकर पहुंची बस से लोगों को नहीं उतरने दिया और बस सहित वापस रिकांगपिओ भेज दिया। आरएम को पत्र लिखकर बसें न भेजने की मांग की है। वहीं, किन्नौर जिले की कई पंचायतों ने भी अड्डा प्रभारी को पत्र लिखकर बसें न भेजने की मांग की है। किन्नौर जिले में हिमाचल परिवहन निगम ने सरकार के आदेशानुसार 41 रूटों पर बस सेवाएं शुरू कर दी थीं।
आरसंग, लिप्पा, नाको, रारंग और हांगो सहित स्पीति वैली के लोगों ने आरएम रिकांगपिओ को पत्र लिख कर बसें न भेजने की मांग की है। उधर, परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी सुजान नेगी ने बताया कि किन्नौर की कई पंचायतों ने पत्र दिया है कि उनकी पंचायतों में बसों को न भेजा जाए। इस करण निगम ने इन रूटों पर बसों को बंद कर दिया है। कहा कि स्पीति में लोगों ने बस में बैठी सवारियों को ही वापस भेज दिया है। काजा एसडीएम को इसकी सूचना दे दी है कि उक्त रूटों में बसें बंद कर दी हैं।