कौशल विकास निगम के तहत एचआरटीसी में कंडक्टर का प्रशिक्षण ले चुके प्रशिक्षु कंडक्टरों ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर पॉलिसी बनाने की मांग की। प्रशिक्षित परिचालक संघर्ष समिति ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर पॉलिसी नहीं बनाई गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष नरेश कुमार पठानिया ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवाओं ने एचआरटीसी से प्रशिक्षण लिया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें बसें से उतारा गया है।
इसको लेकर समिति के छह पदाधिकारी 10 दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। मजबूर होकर समिति को यह प्रदर्शन करना पड़ा है। प्रदेश में बेरोजगार युवा दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल से 4 और बेरोजगार प्रशिक्षु कंडक्टर आमरण अनशन करना शुरू कर देंगे।
समिति के पदाधिकारी जीत सिंह नेहरा ने कहा कि बेरोजगार परिचालक 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस पर शोषण दिवस के रूप में मनाएंगे। उन्होंने एक बार फिर सरकार से ठोस नीति बनाए जाने की मांग की। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
हिमाचल में कौशल विकास निगम के तहत कई युवाओं को 3 महीने का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वह अपना रोजगार कमा सके। कहा कि एचआरटीसी में कंडक्टरों की कमी है। इन प्रशिक्षु कंडक्टरों के सहयोग से बसें चलाई गई है।