हिमाचल प्रदेश के यात्रियों के लिए अच्छी सूचना है। उन्हें यात्रा करने के लिए नकद लेकर चलने की जरूरत नहीं है। सरकार की ओर से एचआरटीसी की बसों में यात्रियों के लिए नकद के बजाय स्मार्ट कार्ड के जरिये किराये भुगतान करने की व्यवस्था की जा रही है। मंगलवार को कैबिनेट की ओर से पास की गई नई परिवहन नीति में इसका प्रावधान किया गया है। नीति में महिलाओं की सुरक्षा से लेकर बच्चों तक का ख्याल रखा गया है।
बुधवार को राज्य सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि राज्य में 10 साल बाद परिवहन नीति में बदलाव किया जा रहा है। इस नीति के तहत सड़क सुरक्षा और आम लोगों की सुविधाजनक यातायात सुविधा पर फोकस करना है। इस नीति का मुख्य मकसद यह है कि प्रदेश के हर व्यक्ति को सरल और सुरक्षित यातायात व्यवस्था मुहैया करानी है।
परिवहन नीति के कुछ खास बिंदु
1. वैकल्पिक परिवहन को प्रोत्साहित किया जायेगा, जिसमें वाटर ट्रांसपोर्ट भी शामिल है। वाटर ट्रांसपोर्ट गोबिन्दसागर तथा महाराणा प्रताप सागर में चलाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इस ट्रांसपोर्ट को शुरू करने की मांग आ रही है। यह ट्रांसपोर्ट बेहद सस्ता होगा, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
2. सभी निजी और निगम की वाहनों की पासिंग के समय वाहनों में सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और नशा निवारण के स्लोगन लिखना अनिवार्य होगा।
3. निगम और निजी वाहनों के सभी चालकों को परिवहन विभाग के साथ पंजीकरण करवाना अनिवार्य बनाया गया है। विभाग चालकों को विशेष बैज उपलब्ध करवाएगा। एक माह का विशेष प्रशिक्षण दया जाएगा।
4. पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाने के लिये लाइसेंस में हिल ड्राईविंग एन्डोरसमेन्ट करवाना अनिवार्य होगा
एससी/एसटी को मिलगी विशेष राहत
5. प्रदूषण वाले वाहनों पर कड़ी नजर। पर्यावरण मित्र वाहनों से कम कर की वसूली। अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग बाहुल्य क्षेत्रों में निजी वाहनों पर कर में विशेष रियायत दी जायेगी।
6. बसों में महिलाओं, बुजुर्गों और विशेष व्यक्तियों को 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखना अनिवार्य।
7. किसानों के उत्पाद सुविधापूर्वक मंडियों तक पहुंचाने के लिये गुडस ट्रांसपोर्ट को सुनिश्चित बनाया जायेगा। युवाओं को अपरोक्ष रोजगार भी उपलब्ध होगा।
8. वाहनों को जब्त करने की शक्तियां आरटीओ के बजाय क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण को होगी।
9. बोर्ड ऑफ डायरेक्टर और राज्य परिवहन प्राधिकरण में एक महिला सदस्य को नामित किया जायेगा।
10. सड़क सुरक्षा की जानकारी सभी लोगों को सेमीनारों और शिविरों के माध्यम से दी जाएगी।