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Shimla News: एचआरटीसी पेंशनरों को अभी तक नहीं मिली मार्च की पेंशन

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दूसरे राज्यों में जाकर सीएम बोले, पेंशनरों को सबकुछ दे रहा हूं समय पर
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एक हफ्ते से सीएम कार्यालय में पड़ी है ग्रांट की फाइल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को मार्च माह की पेंशन अभी तक नहीं मिली है। इसको लेकर पेंशनरों में रोष है। मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बावजूद पेंशनरों को पेंशन के लिए तरसना पड़ रहा है।
हर माह पेश आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में मजबूर होकर पेंशनरों को अपने वित्तीय लाभ और पेंशन के लिए आंदोलन और प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन के अध्यक्ष केसी चौहान, प्रधान देवराज ठाकुर, अतिरिक्त महासचिव राजेंद्र ठाकुर और महासचिव नानक शांडिल ने कहा कि सालों तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को हर माह पेंशन के लिए तरसना पड़ रहा है। पेंशन के लिए दी जाने वाली ग्रांट की फाइल दो सप्ताह से मुख्यमंत्री के कार्यालय में पड़ी है।
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मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार में कह रहे हैं कि कर्मचारियों और पेंशनरों को सब समय पर मिल रहा है। ओल्ड पेंशन स्कीम बहाली को लेकर भी प्रचार हो रहा है। असल में पेंशन के जो हकदार हैं, उन्हें तरसाया जा रहा है। प्रधान देवराज ठाकुर ने कहा कि परिवहन निगम के पेंशनरों का प्रतिनिधिमंडल कई बार इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री से मिल चुका है। हर बार उन्हें आश्वासन दिए जा रहे हैं।
संगठन के अध्यक्ष केसी चौहान और महासचिव नानक शांडिल ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि पेंशनरों को हर माह समय से पेंशन का भुगतान किया जाए। 28 अप्रैल को भी खातों में पेंशन नहीं आई है।
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राष्ट्रपति के दौरे के बाद होगा आंदोलन

पेंशनरों ने कहा कि बुढ़ापे में उन्हें अपना अपने परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। दवाइयों तक के लिए पैसों का संकट खड़ा हो गया है। तीस अप्रैल तक पेंशन खाते में डाली जाए। पेंशन भुगतान की मांग को लेकर रोष रैली निकालने की योजना को फिलहाल राष्ट्रपति के शिमला दौरे को देखते हुए टाला गया है। एचआरटीसी संयुक्त पेंशनर संघर्ष समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि जनवरी माह में निगम के प्रबंध निदेशक के साथ हुई बैठक में 31 मार्च तक सभी फैसलों को लागू करने का आश्वासन दिया था। इस पर धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ। इसलिए जनवरी माह में स्थगित किए गए आंदोलन को मई माह में नोटिस देकर फिर से शुरू किया जाएगा, जिसमें निगम मुख्यालय का घेराव किया जाएगा ।
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