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Shimla News: एचआरटीसी लोकल डिपो की साल में बढ़ी 30% आमदनी, हर रोज दस लाख की कमाई

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प्रबंधन ने बसों की नियमित चेकिंग और हर स्टॉपेज पर रुकने की व्यवस्था को सुनिश्चित करके सुधारी व्यवस्था
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इंस्पेक्टरों को फील्ड में उतारकर हर रूट की निगरानी करवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी की माली हालत को लेकर बेशक सवाल उठते रहे हों, लेकिन शिमला के लोकल डिपो ने पिछले साल के मुकाबले सेवाओं में सुधार करके आमदनी में करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। प्रबंधन की नियमित निगरानी और चालक-परिचालकों की सेवाओं के कारण अब एचआरटीसी का लोकल डिपो हर रोज दस लाख रुपये की कमाई कर रहा है जबकि पिछले साल एचआरटीसी हर रोज करीब 7.00 लाख रुपये की आमदनी अर्जित कर रहा था। लोकल डिपो में शहर और ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर करीब 300 रूट हैं। इसमें 230 के करीब बसें विभिन्न रूटों पर चलती हैं। प्रबंधन ने आमदनी में इजाफा करने के लिए डिपो के इंस्पेक्टरों को नियमित निगरानी के लिए फील्ड में उतारा। इन्होंने जांचा की सभी बसों का तय समय पर संचालन हो रहा है या नहीं। ऐसा तो नहीं है कि बसें समयसारिणी से पहले या बाद में चल रही हैं, जिससे की लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और इसका असर निगम की आमदनी पर पड़ रहा है। इसके साथ ही हर रूट का आकलन, कंडक्टरों पर निगरानी और खासतौर पर आइडल रनिंग को कम करके भी आमदनी को बढ़ाने में प्रयास किए हैं। यही वजह है कि निगम के लोकल डिपो की आमदनी एक साल में ही 30 फीसदी तक बढ़ गई है।



इनसेट

फिक्सड प्वाइंट चेकिंग से सवारियां बढ़ी

लोकल डिपो की शहर में बड़ी संख्या में बसें चलती हैं। राजधानी में हर रोज हजारों लोग बसों से सफर करते हैं। आमतौर पर लोगों की शिकायत रहती थी कि जहां निजी बसें हर स्टॉपेज पर रुककर सवारियों को बैठाती हैं, वहीं एचआरटीसी की बसें सभी स्टॉपेज पर नहीं रुकती है। इसको देखते हुए निगम प्रबंधन ने फिक्सड प्वाइंट चेकिंग को बढ़ाया। इसमें इंस्पेक्टरों को निर्देश जारी किए गए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बसें सभी स्टॉपेज पर 30 सेकंड तक जरूर रूकें जिससे कि अधिक से सवारियां सफर करें। इस दौरान खलीनी, संजौली, टुटीकंडी क्रॉसिंग समेत छोटे स्टॉपेज पर भी निरीक्षण किया गया। इंस्पेक्टरों ने शहर में नियमित रूप से औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और चालकों और परिचालकों को हर स्टॉपेज पर रुकने के निर्देश जारी किए।
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कोट्स



लोकल डिपो की आमदनी बढ़ाने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए गए हैं। इसमें फिक्सड प्वाइंट चेकिंग के साथ ही इंस्पेक्टरों को बसों की नियमित जांच करने के निर्देश शामिल हैं। पिछले साल के मुकाबले अब एचआरटीसी का लोकल डिपो 30 फीसदी अधिक दस लाख रुपये प्रतिदिन की कमाई कर रहा है। आगे भी आमदनी बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।



अंकुर वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, लोकल डिपो एचआरटीसी
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