उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री
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एचआरटीसी को जल्द ढाई सौ नई डीजल बसें मिलेंगी। इससे बसों की कमी से जूझ रहे निगम को बड़ी राहत मिलेगी। एचआरटीसी को 36 सीटर डीजल बसों की खरीद की मंजूरी प्रदेश सरकार से मिल गई है। उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ढली बस अड्डे के उद्घाटन समारोह के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक से डेढ़ महीने में नई डीजल बसों की खरीद कर ली जाएगी। इसके अलावा 300 इलेक्ट्रिक बसों का पैसा मिल चुका है। जल्द ही प्रदेश की सड़कों पर इलेक्टि्रक बसें दौड़ती हुईं दिखाई देंगी।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप के लिए 110 करोड़ रुपये का बजट मिल चुका है। प्रदेश में जल्द ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी के कर्मचारियों और पेंशनरों को बिना डिफॉल्ट किए हर महीने वेतन और पेंशन दी जा रही है। प्रदेश के कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत करके परिवहन विभाग को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसके लिए पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टैंपो ट्रैवलर की योजना लाई गई है। यह टैंपो ट्रैवलर उन क्षेत्रों में चलाए जाएंगे, जहां पर सवारियों की संख्या कम है। इसके अलावा तंग सड़कों वाले क्षेत्रों के लिए भी यह कारगर साबित होंगे।
स्क्रैप पॉलिसी के कारण प्रदेश में 144 बसें हो चुकी हैं बंद
प्रदेश सरकार की स्क्रैप पॉलिसी के कारण इस साल एचआरटीसी की करीब 144 बसें बंद हो चुकी हैं। इस वजह से शिमला लोकल डिपो समेत प्रदेशभर में एचआरटीसी को बसों की कमी से जूझना पड़ रहा था। इस कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों को क्लब करने की नौबत आ गई थी। हाल यह था कि बसों में तकनीकी खराबी आने के कारण कई बार रूट फेल भी हो रहे थे। शिमला लोकल डिपो की बात करें तो 35 के करीब बसें पंद्रह साल पुरानी होने के कारण बंद हो चुकी हैं। इस वजह से हजारों यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नई बसों की खरीद होने से एचआरटीसी रूटों पर नियमित बसों का संचालन कर सकेगा।