एचआरटीसी कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन के खिलाफ सड़कों पर उतरने का फैसला कर लिया है। बुधवार को होने वाली जेसीसी की बैठक में एचआरटीसी कर्मी आंदोलन की रणनीति बनाएंगे।
संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने एचआरटीसी प्रबंधन पर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। जेसीसी का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर जेसीसी ने निगम प्रबंधन को छह जून को लिखित मांग पत्र सौंपा था।
प्रबंधन ने दो माह के भीतर सभी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया था। दो माह बाद जब मांगें पूरी नहीं हुई तो 20 अगस्त को पुन: प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा गया। प्रबंधन ने तुरंत सभी मांगे हल करने का आश्वासन दिया। आश्वासन के एक हफ्ते बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
यह हैं कर्मचारियों की मांगे
कर्मचारियों से पद के अनुसार ली जाए ड्यूटी
ब्याज सहित एक मुश्त जारी हो ओवर टाइम और रात्रि भत्ता
दूर की जाए ग्रेड पे की वेतन विसंगतियां
सवारी की तय हो टिकट लेने की जिम्मेदारी
छह साल बाद तुरंत नियमित किए जाएं अनुबंध कर्मी
चेकिंग ड्यूटी से हटाए जाएं चालक परिचालक
परिचालकों को 20 साल सेवाकाल के बाद दी जाए वेतन वृद्धि
बंद की जाए सेवानिवृत्त कर्मियों की रिइंप्लाइमेंट