एचआरटीसी के कर्मचारियों ने एमडी अशोक तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्हें प्रबंध निदेशक के पद से हटाने के लिए कर्मचारी एकजुट हो गए हैं। संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले कर्मचारी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और परिवहन मंत्री जीएस बाली से मिलने जा रहे हैं।
संयुक्त समन्वय समिति का आरोप है कि एमडी ने प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग को विश्वास में लिए बिना ही जेसीसी के 12 पदाधिकारियों का तबादला दूरदराज क्षेत्रों में कर दिया है। समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संयुक्त समन्वय समिति की आपात बैठक शिमला में हुई।
इसमें निजी रंजिश, बदले की भावना तथा कर्मचारियों को डराने के लिए किए गए तबादलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने वर्ष वर्ष 2016 में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी। डेढ़ साल बाद एमडी ने कर्मचारियों का तबादला कर अपनी भड़ास निकाली है।
उन्होंने कहा कि परिचालक संगठन के पदाधिकारी देवराज ठाकुर, हरीलाल, तकनीकी संगठन के पदाधिकारी राजेंद्र ठाकुर, सर्व कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी खेमेंद्र गुप्ता, सत्य प्रकाश, पवन गुलेरिया, नीलकमल गुप्ता, खुशाल झामटा जसमेर राणा, कुलदीप कुमार, नानक शांडिल और हरदयाल सिंह शामिल हैं।