लंबे रूटों पर सेवाएं देने के बाद चालकों को लोकल रूटों के लिए भी भेजा जा रहा है। इस कारण निगम के चालक भारी तनाव में सेवाएं दे रहे हैं। यूनियन ने निगम प्रबंधन से मांग की है कि इंटरव्यू पास कर चुके 225 चालकों को तुरंत रखा जाए।
प्रदेश मुख्य सलाहकार राजिंद्र ठाकुर ने कहा कि देय भत्ते देने के लिए अधिक राशि की जरूरत है। यूनियन ने परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर से कर्मचारियों को आ रही समस्याओं के समाधान की मांग की है। यूनियन का कहना है कि अगर 2 मई तक 11 माह का अतिरिक्त रात्रि भत्ता और अन्य देय भत्ते नहीं दिए गए तो यूनियन अगली रणनीति बनाएगी।