एचआरटीसी ने तैयार किया 656 अस्थायी चालकों का पैनल
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हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने संभावित हड़ताल जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगम ने 656 अस्थायी चालकों का एक पैनल तैयार किया है, जिसकी वैधता अगले छह महीनों तक रहेगी। इस अवधि में, आवश्यकता पड़ने पर निगम इन चालकों की सेवाएं ले सकेगा, जिससे बस सेवाओं में निरंतरता सुनिश्चित की जा सकेगी।
वैकल्पिक व्यवस्था का उद्देश्य: निगम प्रबंधन का कहना है कि यह व्यवस्था मुख्य रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में बस सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। इससे किसी भी अप्रत्याशित घटना या हड़ताल की स्थिति में यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। चयनित चालकों का पूरा रिकॉर्ड संबंधित डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधकों के पास सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत तैनात किया जा सके। भविष्य में भी इस तरह के मॉडल को अपनाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
चयन प्रक्रिया और पारिश्रमिक: चालक-परिचालकों की संभावित हड़ताल को देखते हुए, निगम ने हाल ही में राज्य के 31 डिपो में ड्राइविंग टेस्ट आयोजित किए थे। इस प्रक्रिया में लगभग नौ हजार उम्मीदवारों ने भाग लिया था, जिनमें से 656 योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया गया। चयन प्रक्रिया क्षेत्रीय प्रबंधकों की देखरेख में संपन्न हुई। चयनित चालकों को उनके ड्यूटी के प्रत्येक दिन के लिए 1500 रुपये का पारिश्रमिक दिया जाएगा।
रोजगार के सीमित अवसरों के बीच युवाओं की तत्परता: यह देखा गया है कि बेरोजगारी के मौजूदा दौर में, युवाओं ने इन अस्थायी नौकरियों को स्वीकार करने में तत्परता दिखाई है। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि नियमित कर्मचारी लौटने के बाद उनकी सेवाएं समाप्त हो सकती हैं। इसके बावजूद, रोजगार के सीमित अवसरों को देखते हुए, वे अस्थायी तौर पर भी काम करने के लिए तैयार हैं।
अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी था विचार: संभावित हड़ताल की स्थिति में, निगम ने दमकल विभाग के चालकों, होमगार्ड जवानों को परिचालक के रूप में और इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाली कंपनी के चालकों की सेवाएं लेने की भी योजना बनाई थी। हालांकि, स्थिति सामान्य होने पर इन वैकल्पिक व्यवस्थाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
निगम को मिली वित्तीय राहत: हाल ही में, एचआरटीसी को दो स्रोतों से लगभग आठ करोड़ रुपये की वित्तीय राहत मिली है। राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव ड्यूटी में बसों के संचालन के बदले लगभग पांच करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के कार्यक्रमों में बस सेवाएं उपलब्ध कराने के एवज में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने करीब तीन करोड़ रुपये जारी किए हैं। निगम प्रबंधन के अनुसार, इस राशि का उपयोग कर्मचारियों के लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान और चालक-परिचालकों तथा वर्कशॉप स्टाफ के वर्दी भत्ते के भुगतान के लिए किया जाएगा।
क्या भविष्य में मिल सकती है नियमित नौकरी?: फिलहाल एचआरटीसी ने स्पष्ट किया है कि यह भर्ती स्थायी नियुक्ति नहीं है। नियमित भर्ती प्रक्रिया अलग से होगी। हालांकि परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में निगम में चालकों के नियमित पद भरने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो इन चयनित अभ्यर्थियों के अनुभव और पहले से हुए ड्राइविंग टेस्ट को प्राथमिकता देने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन वर्तमान में ऐसा कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि 656 युवाओं का चयन हो गया है, लेकिन उनकी नौकरी पूरी तरह आवश्यकता आधारित होगी। छह महीने तक वे एचआरटीसी के 'रिजर्व ड्राइवर पूल' का हिस्सा रहेंगे और जरूरत पड़ने पर ही उन्हें ड्यूटी मिलेगी। नियमित नियुक्ति का फिलहाल कोई प्रावधान नहीं है।