शोध में संघर्ष के कारण, सामाजिक प्रभाव और आर्थिक नुकसान पर बनेगी रिपोर्ट
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अध्ययन के आधार पर ढूंढा जाएगा समस्या का समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला का भूगोल विभाग किन्नौर जिले में मानव और भालू के बीच बढ़ रहे संघर्ष के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर अध्ययन करेगा। इसके लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की प्रायोजित शोध परियोजना को शुरू किया है।
यह शोध परियोजना ह्यूमन-ब्लैक बियर कॉन्फ्लिक्ट्स : सोशियो-इकोनॉमिक डाइमेंशंस एंड एनालिसिस इन किन्नौर डिस्ट्रिक्ट विषय पर आधारित है। परियोजना का उद्देश्य किन्नौर क्षेत्र में मानव और काले भालू के बीच बढ़ते संघर्ष के कारणों, सामाजिक प्रभावों और आर्थिक नुकसान का अध्ययन करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस शोध से भविष्य में वन्य जीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा को लेकर नीति निर्माण में मदद मिलेगी। परियोजना करीब 20 महीने तक चलेगी।
परियोजना के तहत रिसर्च एसोसिएट, रिसर्च असिस्टेंट और फील्ड इन्वेस्टिगेटर स्तर पर शोध कार्य किया जाएगा। यह सभी पद परियोजना अवधि तक ही मान्य रहेंगे।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सामाजिक विज्ञान विषयों में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। नेट, एमफिल और पीएचडी धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन 5 जून तक भूगोल विभाग में जमा करवाने होंगे जबकि साक्षात्कार 11 जून को विभागाध्यक्ष कार्यालय में होंगे। परियोजना निदेशक डॉ. बीआर ठाकुर ने बताया कि हिमालयी क्षेत्रों में मानव और वन्य जीव संघर्ष लगातार गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में यह अध्ययन स्थानीय समाज, कृषि, आजीविका और वन्यजीव प्रबंधन के बीच संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण साबित होगा।