विद्यार्थियों को औषधीय पौधों के महत्व को बताने और पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित करने को एचपीयू नई पहल करने जा रहा है। विद्यार्थियों को अपनी डिग्री के समय में संस्थान के परिसर या इसके आसपास चिन्हित स्थानों पर एक औषधीय पौधा लगाना होगा। इसके लिए छात्र को एक क्रेडिट भी दिया जाएगा। डिग्री के लिए तय अवधि के दौरान इसकी देखरेख भी करनी होगी। इसके बाद ही क्रेडिट मिलेगा। एचपीयू पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाकर एक गतिविधि के रूप में शामिल करने जा रहा है।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के दिशा-निर्देशों पर अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. कुलभूषण चंदेल ने इस संदर्भ में सभी कॉलेज प्राचार्यों को पौधरोपण और उन पौधों का रखरखाव करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने को कहा है। यह यूजी और पीजी कोर्स में प्रवेश लेनेे वाले हर विद्यार्थी के लिए अनिवार्य किया जाएगा। इस खास मुहिम को प्रभारी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अधिष्ठाता अध्ययन ने सभी संस्थानों और कॉलेजों में एक नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश भी दे दिए हैं। कुलपति के आदेशानुसार इसे भविष्य में यूजी और पीजी डिग्री कोर्स के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाकर, एक पौधा लगाने उसका रखरखाव करने पर एक क्रेडिट डिग्री में जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कर लागू की जाएगी।
हर सत्र में 70 से 75 हजार विद्यार्थी यूजी, पीजी में लेते हैं प्रवेश
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर और इससे संबद्ध कॉलेजों में सत्र 2021-22 में यूजी कोर्स में 50 से 60 हजार जबकि पीजी कोर्स में 15 से 20 हजार छात्र प्रवेश लिया। अलग विवि बनने पर इस बार संख्या कम हुई है। औषधीय पौधे लगाने की इस मुहिम के लागू होने पर प्रदेश भर में हर वर्ष 70 से 75 हजार औषधीय पौधे लगना शुरू होंगे।