एचपीयू प्रशासन से छात्र संगठनों का सवाल, शोधार्थियों को झेलनी पड़ रही है परेशानी
किताबें न मिलने से अध्ययन नहीं कर पा रहे छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश सरकार ने स्कूल और कॉलेज खोलने का फैसला तो ले लिया है लेकिन विवि में अभी तक लाइब्रेरी नहीं खोली गई। इससे विवि में विभिन्न विषयों पर शोध कर रहे शोधार्थियों और अन्य छात्रों को परेशानी हो रही है। छात्रों का कहना है कि पुस्तकालय बंद होने के कारण वह अध्ययन के लिए किताबें नहीं ले पा रहे। विश्वविद्यालय स्वायत्त संस्था है, इसलिए विवि से संबंधित तमाम फैसले खुद विवि ही लेता है।
छात्रों का कहना है कि जब स्कूल-कॉलेज खुल सकते हैं तो फिर लाइब्रेरी क्यों नहीं। विवि के आम छात्र और खास तौर से शोधार्थियों को प्रशासन के इस फैसले का बेसब्री से इंतजार है। कैंपस में सक्रिय तीनों ही छात्र संगठन कई बार वीसी, डीएस और अन्य अधिकारियों के समक्ष पुस्तकालय जल्द खोलने की मांग उठा चुके हैं। अभी तक प्रशासन ने इस पर अपना फैसला नहीं सुनाया है। 18 फरवरी तक विश्वविद्यालय में सर्दियों के अवकाश चल रहे हैं लेकिन शिक्षकों को अवकाश के बावजूद घर से ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखकर फरवरी तक पाठ्यक्रम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विवि प्रशासन चाहे तो शोधाथिर्यों के लिए पुस्तकालय खुलवा सकता है। इससे छात्र और शोधार्थी अपनी पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें मिल सकती हैं।
पुस्तकालय खोलने पर जल्द लें फैसला : एनएसयूआई
एनएसयूआई के प्रदेश संगठन महासचिव मनोज चौहान ने प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर पुस्तकालय और छात्रावास खोलने पर जल्द फैसला लेने की मांग की है। कहा कि इससे सैकड़ों छात्रों को लाभ होगा।
शोधार्थियों को हो रही
मुश्किल : एबीवीपी
एबीवीपी की विवि इकाई के अध्यक्ष विशाल सकलानी ने प्रशासन से कोरोना से बने हालात काबू में आने के बाद चरणबद्ध तरीके से विवि खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले चरण में पुस्तकालय और विभागों को शोधार्थियों के लिए खोल देना चाहिए। इससे वह अपना शोध कार्य पूरा कर सकेंगे।
पुस्तकालय और छात्रावास खोलें : एसएफआई
एसएफआई की विवि इकाई सचिव गौरव नाथन ने प्रशासन से शोध छात्रों के लिए विभाग, पुस्तकालय और छात्रावास तुरंत खोलने की मांग की है। इसके साथ ही पीजी छात्रों के लिए अवकाश समाप्त होते ही परिसर को खोलने और नियमित कक्षाएं शुरू करने की पूरी प्लानिंग अभी से करने की मांग की है। इससे जो छात्र आनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, कुछ दिन कक्षाएं लगा सकें।