एचपीयू को मई में स्नातक डिग्री कोर्स के पांचवें सेमेस्टर का परिणाम समय से तैयार कर घोषित करना होगा। इसके बाद ही यूजी के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं हो पाएंगी। जरूरी काम निपटाने को विवि प्रशासन ने जो व्यवस्था की थी, वह सरकार के आदेशों के बिना नहीं चल पा रही है। इसलिए विवि प्रशासन ने सरकार से परीक्षा शाखाओं के कर्मचारियों को बुलाकर रिजल्ट तैयार करने की अनुमति मांगी है।
सरकार से अनुमति मिलने पर ही जिला प्रशासन कर्मचारियों की गाड़ियों परमिट जारी करेगा। जानकारी के मुताबिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कुलदीप और अन्य नेता बीते दिन कुलपति से भी मिले। इस पर शुक्रवार तक सरकार से जवाब आने की बात कही गई है। सरकार यदि परीक्षा विंग में काम करने को कर्मचारी बुलाने की अनुमति कर्फ्यू के दौरान देती है तो ही पांचवें सेमेस्टर के अवार्ड कंप्यूटर पर चढ़ेंगे और रिजल्ट तैयार हो सकेगा।
मामला यूजी कोर्स के करीब 42 हजार छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। उनकी जुलाई में अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं होनी हैं। वहीं, गैर शिक्षक संघ के निवर्तमान अध्यक्ष कुलदीप ने कहा कि सरकार से काम करने की अनुमति और कर्मचारियों को लिखित आदेश व वाहन परमिट मिलने पर ही वे शाखाओं में काम करने आ पाएंगे। प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार तक सरकार से जवाब अपेक्षित है।
उधर, परीक्षा नियंत्रक डॉ जेएस नेगी ने कहा कि सरकार परीक्षा विंग में काम करने और कर्मचारियों को परमिट दिलवाए तो एक सप्ताह में यूजी पांचवें सेमेस्टर के अवार्ड एंट्री और रिजल्ट बनाने का काम एक सप्ताह में पूरा कर घोषित कर दिया जाएगा।